भोपाल, 21 जुलाई 2026: यदि कोई किसान मजबूरी में ₹10 की बिजली चोरी कर ले तो कंपनी वाले मीडिया में ऐसे बताते हैं मानो एक किसान अचानक देशद्रोही हो गया है, लेकिन इसी बिजली कंपनी के अधिकारी करोड़ों रुपए की काली कमाई कर रहे हैं। एक सीनियर इंजीनियर के यहां आय से 5 करोड़ की काली कमाई की डिटेल प्राप्त हुई है। लोकायुक्त की छानबीन अभी भी चल रही है। सवाल यह है कि जरा से डाउट पर, आउटसोर्स कर्मचारी की सूचना पर उपभोक्ता के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करवा दिया जाता है। आज जब लोकायुक्त पुलिस ने छापामार कार्रवाई कर दी है तो क्या उसकी रिपोर्ट के आधार पर इंजीनियर को बर्खास्त किया जाएगा?
Lokayukta raids 9 premises of SE Shivram Semil
यह मामला मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (फाइनेंस) शिवराम सेमिल का है। मंगलवार (21 जुलाई 2026) तड़के 5:30 बजे जब शहर जाग ही रहा था, लोकायुक्त की टीमों ने इंदौर, धार (पीथमपुर, बगदून) और मुरैना समेत कुल 9 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की।
वेतन 2 करोड़, संपत्ति 7 करोड़ के पार!
अभी तो जहां शुरू हुई है और शुरुआती जांच में जो आंकड़े सामने आए हैं, उन्होंने जांच अधिकारियों को भी चौंका दिया है। शिवराम सेमिल के पूरे सेवाकाल का शुद्ध वेतन करीब ₹2 करोड़ आंका गया है, लेकिन उनके पास मिली संपत्तियां और निवेश ₹6.50 करोड़ से अधिक के हैं। कुल अनुमानित व्यय को जोड़ लिया जाए तो यह आंकड़ा ₹7.16 करोड़ के पार निकल जाता है।
रिश्तेदारों के नाम पर फैलाया 'काले धन' का जाल
सूत्रों के अनुसार, इंजीनियर सेमिल ने अपनी काली कमाई को सफेद करने के लिए अपने परिजनों और रिश्तेदारों का सहारा लिया:
बेटे के नाम फैक्ट्री: पीथमपुर में बेटे शुभम के नाम पर ₹1.25 करोड़ की लागत से 880 वर्गमीटर में फैली 'शुभम इलेक्ट्रिकल' नाम की ट्रांसफॉर्मर फैक्ट्री मिली है।
बहू के नाम कंपनी: बहू और परिजनों के नाम पर 'कर्निश पावरजोन' नाम की कंपनी बनाई गई, जिसकी शेयर पूंजी 50 लाख है। इसके तहत दो औद्योगिक प्लॉटों पर ₹1 करोड़ का निवेश कर फैक्ट्रियां खड़ी की गईं।
दामाद और अन्य रिश्तेदार: उज्जैनी औद्योगिक क्षेत्र (धार) में दामाद और बेटे के नाम पर तीन प्लॉट और ₹1.50 करोड़ का निवेश मिला है। इसके अलावा 'कृष्णा पावर' और 'ए-वन इलेक्ट्रिकल' जैसी अन्य फैक्ट्रियों में भी करोड़ों के निवेश की जांच जारी है।
आलीशान मकान और लग्जरी दफ्तर
लोकायुक्त की टीम को छापेमारी में कई अचल संपत्तियां भी मिली हैं:
इंदौर (सिलिकॉन सिटी): यहाँ एक तीन मंजिला मकान मिला है जिसकी कीमत करीब ₹1.20 करोड़ है।
मुरैना: रविदास नगर में ₹50 लाख का दो मंजिला मकान मिला है।
कॉर्पोरेट ऑफिस: सिलिकॉन सिटी, एयरपोर्ट रोड और देवास नाका जैसे प्राइम लोकेशंस पर कंपनियों के आलीशान दफ्तर मिले हैं। इसके अलावा ओमेक्स सिटी में प्लॉट और ₹15 लाख की महिंद्रा इलेक्ट्रिक कार का भी पता चला है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज
लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के बाद शिवराम सेमिल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल डीएसपी सुनील तालान और अन्य अधिकारियों की टीमें बैंक खातों, दस्तावेजों और अन्य बेनामी संपत्तियों की गहनता से जांच कर रही हैं।
इंदौर के पोलोग्राउंड कार्यालय में पदस्थ इस अधिकारी के खिलाफ हुई इस बड़ी कार्रवाई ने प्रशासनिक गलियारों में खलबली मचा दी है।
Indore, Madhya Pradesh: DSP, Lokayukta Sunil Talan says, "He is an Additional Chief Engineer...We have conducted a Lokayukta raid at nine of his locations..." pic.twitter.com/bgFx9CqNIJ
— IANS (@ians_india) July 21, 2026

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