आलीराजपुर, 28 जुलाई। कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में अपर कलेक्टर सोहन कनास ने जिलेभर से आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में कुल 24 आवेदन प्राप्त हुए, जिन्हें संबंधित विभागों को समय-सीमा में निराकरण के निर्देशों के साथ भेजा गया। नायब तहसीलदार मंजू डावर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
जनसुनवाई में सामने आए दो मामले व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल भी खड़े करते हैं। ग्राम फटला फलिया (चांदपुर) निवासी रंजना भिंडे ने बताया कि आधार कार्ड में नाम गलत दर्ज होने के कारण वे पिछले दो वर्षों से संशोधन के लिए प्रयासरत हैं। जन्म प्रमाण-पत्र जैसे वैध दस्तावेज होने के बावजूद उनका नाम आज तक ठीक नहीं हो सका। दूसरी ओर, आलीराजपुर निवासी विमल वर्मा ने वर्ष 2015 में जारी डिजिटल जाति प्रमाण-पत्र में उपनाम दर्ज नहीं होने की त्रुटि सुधारने की मांग की। उनका कहना है कि इस लिपिकीय गलती के कारण उन्हें आईबीपीएस बैंक भर्ती में दस्तावेज सत्यापन के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ा।
अपर कलेक्टर ने दोनों मामलों में संबंधित विभागों को जांच कर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके अलावा भूमि विवाद, अतिक्रमण, वेतन, पेंशन, गिरवी रखी चांदी वापस दिलाने तथा अनुकंपा नियुक्ति सहित विभिन्न विषयों से जुड़े आवेदन भी प्राप्त हुए।
जनसुनवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था का ऐसा मंच है, जहां आम नागरिक प्रशासन से सीधे अपनी बात कहता है। लेकिन इसकी सार्थकता तभी है, जब वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान भी उतनी ही गंभीरता से हो। यदि एक व्यक्ति को आधार कार्ड में नाम सुधार के लिए दो वर्ष तक इंतजार करना पड़े और दूसरे को एक तकनीकी त्रुटि के कारण रोजगार के अवसरों में कठिनाई झेलनी पड़े, तो यह केवल व्यक्तिगत परेशानी नहीं बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की सुस्ती का संकेत भी है।
अच्छी बात यह है कि प्रशासन ने दोनों मामलों में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अब असली परीक्षा संबंधित विभागों की है। यदि इन निर्देशों का समयबद्ध पालन होता है, तभी जनसुनवाई आमजन के लिए भरोसे का मंच बनी रहेगी। अन्यथा हर मंगलवार नई शिकायतें तो आएंगी, लेकिन पुरानी समस्याएं फाइलों में ही दबी रह जाएंगी। नवीन सेन

