इंदौर, 23 जुलाई 2026: शहर में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्यवाही करते हुए इंदौर लोकायुक्त की टीम ने नगर निगम के ज़ोन क्रमांक 13 के दो कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। यह मामला एक ऐसे गरीब परिवार से जुड़ा है जो अपने पिता की मृत्यु के बाद सरकारी सहायता के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहा था।
पिता की मौत पर मिलने वाली सहायता राशि में भी 'कमीशन'?
यह शर्मनाक घटना लिंबोदी निवासी 22 वर्षीय युवक आशीष चौधरी की शिकायत पर सामने आई है। आशीष के पिता की मृत्यु के पश्चात उसे संबल योजना के अंतर्गत स्वीकृत होने वाली 2,00,000 रुपये की सहायता राशि मिलनी थी। इस राशि को स्वीकृत कराने के बदले में वार्ड प्रभारी (मस्टर कर्मी) श्रीमती संध्या पथरोड और उनके सहायक हरभजन सिंह सलूजा ने 20,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
लोकायुक्त का जाल और गिरफ्तारी
शिकायत मिलने पर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक श्री राजेश सहाय ने मामले का सत्यापन करवाया। सत्यापन के दौरान आरोपियों ने 20,000 रुपये के बजाय 15,000 रुपये तीन किस्तों में लेना स्वीकार किया। आज 23 जुलाई को, योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया गया और डीडी गार्डन के पीछे भंवरकुआं क्षेत्र में जैसे ही संध्या पथरोड ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 5,000 रुपये लिए, लोकायुक्त की टीम ने उन्हें दबोच लिया।
कानूनी कार्यवाही और टीम
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध:
- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7
- बीएनएस (BNS) 2023 की धारा 61(2)
के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया है। इस सफल कार्यवाही का नेतृत्व निरीक्षक श्रीमती प्रतिभा तोमर ने किया, जिसमें आरक्षक राकेश मिश्रा, शैलेंद्र सिंह बघेल और अन्य कर्मियों का सराहनीय योगदान रहा।
सातवां वेतनमान: योग्यता से अधिक पैसा, फिर भी जनता परेशान
आज के दौर में जब सरकारी कर्मचारियों को सातवां वेतनमान और बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं, तब भी भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी जमी हुई हैं। जैसा कि देखा जा रहा है, इन कर्मचारियों को उनकी योग्यता और आवश्यकता से कहीं अधिक वेतन मिल रहा है, फिर भी ये अपना नियमित कार्य करने के लिए आम जनता का खून चूसने से बाज नहीं आ रहे हैं। इन भ्रष्ट कर्मचारियों के लिए नियम-कायदे और नैतिकता कोई मायने नहीं रखती; बिना पैसे दिए ये जनता की फाइलें आगे नहीं बढ़ाते और उन्हें बेवजह परेशान करते हैं।
लोकायुक्त की अपील
लोकायुक्त संगठन ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो डरे नहीं और सीधे लोकायुक्त पुलिस इंदौर से मोबाइल नंबर 0731-2533160 या 0731-2430100 पर संपर्क करें।

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