भोपाल समाचार, 5 जुलाई 2026: लोक शिक्षण संचालनालय मध्यप्रदेश, भोपाल से व्यवस्था संबंधी ऐसे आदेश जारी होते हैं मानो किसी एक्सपीरियंस नहीं बल्कि फ्रेशर ने बनाए हों। अतिथि शिक्षकों की 90% ई-अटेंडेंस को लेकर भी ऐसा ही आदेश जारी किया गया। अब तक दो बार संशोधन हो चुका है। कमिश्नर साहब का आज जारी किया गया संशोधन, अतिथि शिक्षकों के लिए थोड़ा राहत भरा होगा, क्योंकि अब उन्हें भोपाल आकर महादेव का अभिषेक नहीं करना पड़ेगा बल्कि अपने जिला मुख्यालय में अपने कुल देवता का पूजन करने से काम चल जाएगा। इस बार गुरु पूर्णिमा का पूजन इन एडवांस किया जा सकता है।
मध्य प्रदेश में 90% से कम अटेंडेंस वाले अतिथि शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर
आयुक्त लोक शिक्षण श्री अभिषेक सिंह द्वारा मध्य प्रदेश के समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी के निर्देश में बताया है कि, अतिथि शिक्षकों की 90% ई-अटेंडेंस के संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश, भोपाल का पत्र क्रमांक/अतिथि.शि./2026-27/652, दिनांक 30.06.2026 के बिंदु 4.8 के अनुपालन में 90% ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता से संबंधित प्रकरणों हेतु ई-मेल के माध्यम से अतिथि शिक्षकों से अभ्यावेदन प्राप्त करने की प्रक्रिया निर्धारित की गई थी। उक्त प्रक्रिया को विकेंद्रित करते हुए निर्देशित किया जाता है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कार्यरत ऐसे अतिथि शिक्षक, जो विशेष परिस्थितियों के कारण 90% ई-अटेंडेंस सुनिश्चित नहीं कर पाए हैं अथवा जिनकी उपस्थिति 90% से कम है, ऐसे अतिथि शिक्षकों के अभ्यावेदन अब ई-मेल के माध्यम से संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्राप्त किए जाएंगे। प्राप्त आवेदनों पर परीक्षण एवं निर्णय हेतु प्रत्येक जिले में जिला शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में त्रि-सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा। समिति द्वारा प्रत्येक आवेदन का परीक्षण कर नियमानुसार अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
समिति प्राप्त आवेदनों एवं संलग्न दस्तावेजों का परीक्षण कर निम्नलिखित आधारों पर निर्णय लेगी-
1. महिला अतिथि शिक्षक का मातृत्व अवकाश अथवा चाइल्ड केयर संबंधी कारण।
2. किसी प्रतियोगी/शैक्षणिक परीक्षा में सम्मिलित होना।
3. नेटवर्क की अनुपलब्धता अथवा तकनीकी कारण।
4. अतिथि शिक्षक के गंभीर बीमारी की स्थिति होने पर।
5. अतिथि शिक्षक के विवाह के कारण उपस्थित न हो पाने के कारण।
6. परिवार में आकस्मिक मृत्यु के कारण उपस्थित न हो पाने के कारण।
उपरोक्त के अतिरिक्त पदि कोई विशिष्ट कारण है तो जिला समिति ऐसे अभ्यावेदनों को सकारण लिपिबद्ध करते हुए समुचित निराकरण करेगी। सभी प्रकार के अभ्यावेदनों का निराकरण समय-सी किया जाना अनिवार्य होगा।

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