दतिया में सरकारी कर्मचारी क्या कर सकते हैं क्या नहीं, चुनाव आचार संहिता लागू

Updesh Awasthee
भोपाल, 2 जुलाई 2026
: दतिया में उपचुनाव की घोषणा हो गई है। इसी के साथ चुनाव आचार संहिता भी लागू हो गई है। आदर्श आरक्षण संहिता केवल नेताओं पर लागू नहीं होती बल्कि सरकारी कर्मचारियों पर भी कड़ाई से लागू होती है। इस समाचार में हम आपको बता रहे हैं कि दतिया में सरकारी कर्मचारी क्या कर सकते हैं और क्या नहीं कर सकते, ताकि कर्मचारी अलर्ट रहे और जागरूक नागरिक, पत्रकार एवं राजनीतिक पार्टियों के कार्यकर्ता कर्मचारियों पर नजर रख सकें।  

दतिया में सरकारी कर्मचारियों ने यह किया तो सस्पेंड हो जाएगा

  • कोई भी सरकारी कर्मचारी किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार के चुनाव प्रचार, रैली, या अन्य चुनावी गतिविधियों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भाग नहीं ले सकता। यहां तक की किसी भी नेता के घर व्यक्तिगत मिलने एवं किसी भी नेता के पारिवारिक उत्सव में भी शामिल नहीं हो सकता।
  • किसी भी कर्मचारी को ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए जिससे यह संदेश जाए कि वह किसी विशिष्ट दल या उम्मीदवार का समर्थन कर रहा है। सभी नागरिकों के साथ जाति, धर्म या पंथ के आधार पर भेदभाव किए बिना समान व्यवहार करना अनिवार्य है।  
  • मंत्री या सत्ताधारी दल के साथ मिलकर सरकारी वाहनों, परिसरों, या अन्य संसाधनों का उपयोग चुनाव प्रचार के लिए करना प्रतिबंधित है। 
  • कोई भी सरकारी कर्मचारी सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का लाभ नहीं उठा सकता।
  • यदि चुनाव के दौरान कोई मंत्री किसी निजी या आधिकारिक दौरे पर आते हैं, तो सरकारी अधिकारी अथवा कर्मचारी उनके साथ किसी भी चुनावी सभा या गतिविधि में शामिल नहीं हो सकता। 
  • चुनाव आचार संहिता के कारण सभी सरकारी कर्मचारियों के अवकाश अधिकार पर प्रतिबंध लग जाता है। जिला निर्वाचन अधिकारी की अनुमति के बिना कोई भी कर्मचारी किसी भी प्रकार की छुट्टी नहीं ले सकता।
यदि किसी भी सरकारी कर्मचारी अथवा अधिकारी द्वारा कोई भी ऐसा काम किया जाता है जिसके कारण, ऐसा प्रतीत हो अथवा ऐसा प्रमाणित किया जा सके कि वह किसी पार्टी विशेष के पक्ष में है, तो चुनाव आयोग उसको तत्काल सस्पेंड कर देगा। 

सरकारी कर्मचारी क्या कर सकते हैं

  • अपने विभाग का नियमित एवं आवश्यक प्रशासनिक कार्य जारी रख सकते हैं।
  • कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, बिजली, आपदा प्रबंधन और अन्य आवश्यक सार्वजनिक सेवाएं सामान्य रूप से संचालित कर सकते हैं।
  • निर्वाचन आयोग या जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा सौंपे गए चुनाव संबंधी कार्य कर सकते हैं।
  • पहले से स्वीकृत और चल रहे विकास कार्यों का संचालन नियमों के अनुसार जारी रख सकते हैं, यदि वे चुनावी लाभ पहुंचाने वाले न हों।
  • मतदाता सूची, मतदान केंद्र, मतदान दल और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े वैधानिक कार्य कर सकते हैं।
  • निर्वाचन आयोग से आवश्यक अनुमति मिलने पर विशेष प्रशासनिक निर्णय लिए जा सकते हैं। 

सोशल मीडिया पर भी लागू होते हैं नियम

सरकारी कर्मचारी अपने व्यक्तिगत सोशल मीडिया खातों पर भी किसी राजनीतिक दल, उम्मीदवार या चुनाव चिन्ह के समर्थन अथवा विरोध में पोस्ट, वीडियो, रील, टिप्पणी या अपील साझा करने से बचें। चुनावी प्रचार से जुड़ी डिजिटल गतिविधियां भी सेवा आचरण नियमों और निर्वाचन आयोग के निर्देशों के दायरे में आती हैं।

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