भोपाल में रिटायर्ड अधिकारी रिश्वत वसूली कर रहे हैं, लोकायुक्त ने रंगे हाथों पकड़ा

Updesh Awasthee
भोपाल, 2 जुलाई 2026:
मध्य प्रदेश में सरकारी अधिकारी और कर्मचारी वेतन के लिए नहीं रिश्वत के लिए काम करते हैं। सरकारी रिकॉर्ड में रिटायर हो जाने के बावजूद डिपार्टमेंट के लिए रिश्वत वसूली करते रहते हैं। आज लोकायुक्त ने एक रिटायर्ड अधिकारी को एक लाख रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

नापतौल विभाग के अधिकारी ना रिश्वत की मांग की थी

लोकायुक्त के अनुसार, एमपी नगर जोन-2 स्थित बीपी भोपाल सिटी पेट्रोल पंप के संचालक अमित सिंह बघेल ने 24 जून को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि नापतौल विभाग की जांच के दौरान पेट्रोल पंप के तीन नोजल बंद करा दिए गए और एक प्रकरण दर्ज किया गया। आरोप हैं कि इस प्रकरण के निराकरण और मशीनों की स्टैंपिंग कराने के एवज में प्रभारी उप नियंत्रक नसीमुद्दीन ने 4 लाख रुपए की रिश्वत मांगी।

रिटायर्ड अधिकारी रिश्वत की वसूली करने आया

शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाटीदार के निर्देशन में ट्रैप दल का गठन किया गया। गुरुवार को योजना के तहत आवेदक को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 1 लाख रुपए लेकर भेजा गया। बोर्ड ऑफिस चौराहे के पास स्थित इंडियन कॉफी हाउस में जैसे ही सेवानिवृत्त निरीक्षक हरिप्रसाद पटेल ने रकम ली, पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने उसे पकड़ लिया। 
प्रारंभिक जांच में लोकायुक्त का कहना है कि हरिप्रसाद पटेल, प्रभारी उप नियंत्रक नसीमुद्दीन के कहने पर रिश्वत लेने पहुंचा था। मामले में दोनों की भूमिका की जांच की जा रही है।
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