बड़वानी, 14 जून 2026: मध्य प्रदेश के बड़वानी शहर में आवारा कुत्तों के एक झुंड ने 35 वर्षीय महिला पर हमला कर दिया। डॉक्टरों का कहना है कि महिला के नाक, कान समेत हाथ-पैर पर गहरे जख्म थे। यहां तक की उसकी गर्दन का मांस नोच डाला। इस मामले में और अधिक दुखद बात यह है कि, मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने संवेदनहीनता से भरा हुआ ऐसा बयान दिया है, जिसकी उम्मीद नहीं की जा सकती थी। नेताओं में पार्षद से लेकर सांसद तक किसी ने कोई बयान नहीं दिया क्योंकि, महिला के साथ वोट बैंक नहीं है। कलेक्टर ने भी कोई सहायता नहीं दी।
Stray Dogs Maul Woman to Death
आवारा कुत्तों द्वारा शिकार की गई 35 वर्षीय महिला लीला बाई का पोस्टमॉर्टम करने वाले जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. अनिल सिंह जामोद ने बताया- महिला के शरीर पर 6 से ज्यादा बड़े और गहरे जख्म थे। कुत्तों ने नाक, कान, गला, हाथ-पैर, मुंह और सिर तक को बुरी तरह काटा था। ऐसा लगता है कि जब महिला जमीन पर गिरी तो कुत्तों ने उसकी गर्दन पर दांत गड़ाकर मांस नोच लिया। अत्यधिक खून बह जाने के कारण मौके पर ही मौत हो गई।
वृद्ध पिता, बीमार पति और गूंगे बेटे का इकलौता सहारा थी
लीला बाई अपने घर की इकलौती कमाने वाली सदस्य थीं। उसके जाने से परिवार के सामने भूखों मरने की नौबत आ गई है। रोते हुए बुजुर्ग पिता नारायण निरगुड़े ने बताया- पति दिलीप लंबे समय से बीमार है। 12 साल का बेटा बोल नहीं पाता है। लीला घर का काम भी करती थी और रोजगार भी करती थी। जिससे घर का चूल्हा जलता था। पिता ने रोते हुए पूछा- मैं तो बूढ़ा हूं, कितने दिन जीऊंगा पता नहीं, लेकिन मेरी बेटी के बाद अब इस मूक-बधिर बच्चे का क्या होगा?
उसके शरीर के हर हिस्से पर गहरे जख्म थे
पिता ने बताया कि रोजाना की तरह लीला शुक्रवार को भी बेटे को मेरे पास छोड़कर गई थी। शाम को उसकी राह देख रहा था। वो रोज अंधेरा होने से पहले आ जाती थी। कल थोड़ी देरी हुई, तो मैं घर से निकल बाहर आकर बैठकर इंतजार करने लगा। इतने में कुछ लोग आए। बोले- लीला को भट्ठे के पास कुत्तों ने काट लिया है। मैं उनके साथ वहां पहुंचा। वहां पहुंचकर देखा कि लीला तो मरी पड़ी थी। उसके शरीर के हर हिस्से पर गहरे जख्म थे। कुत्तों ने सिर के बाल तक नोच खाए। वो हमारे लिए खाना बनाने का सामान लेकर आ रही थी। लाश के पास ही सामान का थैला और लकड़ियों का गट्ठा पड़ा था।
चीख सुनकर दौड़े, पर तब तक देर हो चुकी थी
भट्ठा संचालक गोलू गोले, अरुण और विशाल ने बताया कि उन्होंने शाम को कुत्तों के भौंकने और महिला के चिल्लाने की आवाज सुनी थी। जब वे दौड़कर मौके पर पहुंचे तो 5-6 कुत्ते लीला बाई को घेरकर नोच रहे थे। महिला बचाओ-बचाओ चिल्ला रही थी। हमने पत्थर मारकर कुत्तों को भगाया, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी।
सरकारी अधिकारी का बेशर्म बयान
जब इस लापरवाही को लेकर नगर पालिका सीएमओ सोनाली शर्मा से बात की गई तो धरातल पर कार्रवाई के बजाय उन्होंने कागजी योजनाएं गिना दीं। उनका कहना था कि आवारा कुत्तों के नियंत्रण और ART (एनिमल रेस्क्यू एंड ट्रीटमेंट) सेंटर के लिए टेंडर जारी किए गए थे, लेकिन किसी एजेंसी ने दिलचस्पी नहीं ली। अब दोबारा टेंडर निकाले जाएंगे। ART सेंटर के लिए जमीन उपलब्ध कराने के लिए एसडीएम को पत्र लिखा गया है। सीएमओ ने कहा कि रैबीज के खतरे को कम करने के लिए कुत्तों के वैक्सीनेशन की योजना बनाई जा रही है और स्थायी समाधान के प्रयास जारी हैं।
नगर पालिका वाले कुत्ते पकड़ने तक तैयार नहीं
मुख्य नगर पालिका अधिकारी के बयान का सरल अर्थ यह है कि, ना तो अब तक कुछ किया गया है और ना ही आगे कुछ किया जा सकता है, और इसके लिए नगर पालिका जिम्मेदार नहीं है। घटना के दूसरे दिन भी आदमखोर हो चुके खूंखार कुत्तों का झुंड इस इलाके में आजादी से घूमता हुआ दिखाई दिया। बच्चों को काटने आए कुत्ते को डंडा मारने वाले वीडियो पर बिलबिला उठने वाले पशु प्रेमियों ने इस बारे में कोई स्टैंड नहीं लिया है।

