भोपाल, 13 जून 2026: मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू होने वाली है। ड्राफ्ट तैयार हो चुका है और समीक्षा के लिए ऑनलाइन किया जा चुका है। यदि किसी जागरूक नागरिक, पत्रकार, नेता या एक्टिविस्ट को कोई सुझाव देना है तो, यह उसके लिए आखिरी मौका है। इसके बाद यदि कोई आपत्ति करता है तो उसको जागरूक तो बिल्कुल नहीं कहा जाएगा।
MP UCC Consultation Nears Deadline, Public Gets Final Chance to Submit Suggestions
मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज भोपाल निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी कलेक्टर्स को 'समान नागरिक संहिता' के संबंध में सुझाव देने के लिए जिलों में जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देश के अनुसार मध्य प्रदेश के सभी जिलों में कलेक्टर के माध्यम से, जनजागरण नगरीय क्षेत्रों के साथ-साथ ग्राम स्तर पर भी होगा। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि, ग्राम स्तर पर रोजगार सहायक, पंचायत सचिव आदि इस विषय पर चर्चा को प्रोत्साहित करें। विशेष ग्राम सभा की बैठक भी करें। स्व-सहायता समूहों, महिला मंडलों, सामाजिक संगठनों के माध्यम से भी जागरूकता बढ़ाएं।
प्रदेश के समस्त जागरूक नागरिक, पत्रकार, एक्टिविस्ट, और सभी पार्टी के कार्यकर्ताओं की यह जिम्मेदारी है कि वह देखें कि उनके जिलों में मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन हो रहा है या नहीं। यदि नहीं तो कलेक्टर से सवाल करें। मुख्यमंत्री ने अपील की है कि, समान नागरिक संहिता को बेहतर बनाने के लिए आधिकारिक ऑनलाइन वेबसाइट http://ucc.mp.gov.in पर भी अपने सुझाव दिए जा सकते हैं। सभी संबंधित व्यक्तियों को समान नागरिक संहिता के ड्राफ्ट की समीक्षा करना चाहिए और समय रहते अपना सुझाव देना चाहिए। लास्ट डेट पहले 15 जून थी जिसे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बढ़कर 22 जून कर दिया है। मतलब समान नागरिक संहिता पर अपने सुझाव देने के लिए यह आखरी मौका है। सोशल मीडिया एक्टिविस्ट को चाहिए कि वह इस समाचार को अधिक से अधिक प्रसारित करें, ताकि सभी लोगों को इसके बारे में पता चल सके।

