LNCT BHOPAL के ठिकानों पर ED रेड: 200 करोड़ की वित्तीय हेराफेरी पर बड़ा एक्शन

Updesh Awasthee
भोपाल, 23 जून 2026:
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक निजी कंपनी LNCT Group द्वारा संचालित शैक्षणिक संस्थानों और उनसे जुड़े विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी (ED raids) की है। यह कार्रवाई 200 करोड़ रुपए से अधिक की कथित वित्तीय हेराफेरी (financial fraud of over 200 crores) के उजागर होने के बाद की गई है। ईडी की टीमें वर्तमान में भोपाल सहित ग्रुप के अन्य परिसरों में दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड्स और डिजिटल साक्ष्यों की सघन जांच कर रही हैं ताकि धन के अवैध लेनदेन के पुख्ता सबूत जुटाए जा सकें। 

MP EOW FIR against private educational institutions for financial fraud

इस मामले की शुरुआत मध्य प्रदेश आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) द्वारा दर्ज की गई एक एफआईआर से हुई थी। ईओडब्ल्यू ने निजी कंपनी के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया था, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने जांच अपने हाथ में ली। वर्तमान में ED and EOW investigation इस बात पर केंद्रित है कि किस प्रकार अलग-अलग खातों और मुखौटा कंपनियों (shell companies) के माध्यम से करोड़ों रुपयों को ट्रांसफर किया गया। 

Misuse of student scholarship funds and hostel fees in Bhopal institutions 

जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि छात्रों की फीस और स्कॉलरशिप राशि (student scholarship and fees diversion) को बड़े पैमाने पर डायवर्ट किया गया है। सूत्रों के अनुसार, छात्रों से बस शुल्क, हॉस्टल फीस और अन्य मदों में वसूली गई राशि को संस्थान के आधिकारिक खातों के बजाय निजी खातों में भेजा गया। इसके अतिरिक्त, छात्रों के लिए आवंटित स्कॉलरशिप राशि (scholarship funds) को भी निर्धारित खातों में जमा न कर अन्य कंपनियों के खातों में ट्रांसफर करने के गंभीर आरोप हैं। 

Diversion of bank education loans for personal assets investigation 

इस घोटाले का एक और पहलू एजुकेशनल लोन का दुरुपयोग (misuse of education loans) है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि शिक्षा और संस्थागत गतिविधियों के विकास के लिए बैंकों से लिए गए भारी-भरकम लोन का इस्तेमाल उन उद्देश्यों के लिए नहीं किया गया जिनके लिए वे स्वीकृत हुए थे। आरोप है कि इस पैसे का इस्तेमाल निजी संपत्तियां (private properties) बनाने और प्रमोटरों के पारिवारिक हितों को साधने के लिए किया गया। फिलहाल, ईडी इन सभी वित्तीय दस्तावेजों और अकाउंट स्टेटमेंट्स की बारीकी से जांच कर रही है ताकि घोटाले की पूरी परतें खोली जा सकें। 

About LNCT Group 

LNCT Group एक शैक्षिक संस्थाओं का समूह (Group of Institutions) है। इसमें इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी, मेडिकल और अन्य उच्च शिक्षा के कई कॉलेज और एक यूनिवर्सिटी शामिल हैं। मुख्य रूप से यह मध्य प्रदेश के भोपाल में स्थित है और मध्य भारत का एक बड़ा और पुराना निजी शैक्षिक समूह माना जाता है। LNCT Group, H.K. Kalchuri Education Trust (हैहय क्षत्रिय कलचुरी एजुकेशन ट्रस्ट) के अंतर्गत चलता है। यह एक शैक्षिक ट्रस्ट है। 

स्थापना और इतिहास 
वर्ष 1994 में श्री जय नारायण चौकसे जी ने लक्ष्मी नारायण कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी (LNCT), भोपाल की स्थापना की। यह मध्य प्रदेश का पहला सेल्फ-फाइनेंस्ड (निजी) इंजीनियरिंग कॉलेज था। आज यह समूह 30+ वर्षों का अनुभव रखता है और भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर तथा बिलासपुर (छत्तीसगढ़) में कई कैंपस चलाता है। इसमें LNCT University, भोपाल भी शामिल है। 

LNCT Group के मालिक / प्रमोटर / मुख्य व्यक्ति 
LNCT Group चौकसे परिवार द्वारा प्रमोट किया गया है। मुख्य रूप से परिवार के सदस्य ही ट्रस्ट के ट्रस्टी और प्रबंधन में हैं। 
श्री जय नारायण चौकसे - संस्थापक, चेयरमैन – LNCT Group मैनेजिंग ट्रस्टी चांसलर – LNCT University
श्रीमती पूनम चौकसे - वाइस चेयरपर्सन, ट्रस्ट और समूह में महत्वपूर्ण भूमिका
डॉ. अनुपम चौकसे - सेक्रेटरी – LNCT Group मुख्य प्रबंधन
श्रीमती प्रतिभा चौकसे - वाइस-चेयरपर्सन एवं मैनेजिंग ट्रस्टी (विशेषकर इंदौर कैंपस)
श्री सुप्रभात चौकसे - मैनेजिंग डायरेक्टर (LNCT इंदौर) कैंपस स्तर पर नेतृत्व
श्री अम्बरीश चौकसे - एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर, समूह स्तर पर
डॉ. श्वेता चौकसे / पूजा श्री चौकसे - एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर, समूह स्तर पर

नोट: ट्रस्ट मुख्य रूप से चौकसे परिवार द्वारा संचालित है। यूनिवर्सिटी की गवर्निंग बॉडी में AICTE, DTE और अन्य विश्वविद्यालयों के अधिकारी भी शामिल होते हैं।
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