नई दिल्ली, 23 जून 2026: खेती-किसानी को लेकर भारत सरकार की ओर से एक बड़ी खबर आई है। इस बार 'अल नीनो' के चलते मानसून कमजोर रह सकता है, यानी बारिश कम होने की आशंका है। इसी को देखते हुए कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी राज्यों के साथ बड़ी बैठक की है ताकि आप लोगों को कोई दिक्कत न आए।
यहाँ मुख्य बातें दी गई हैं जो किसानों के काम की हैं:
मंत्री जी ने साफ कहा है कि सरकार ने पहले से ही तैयारी कर ली है, इसलिए किसी को चिंता करने या डरने की जरूरत नहीं है।
सरकार ने देश के ऐसे 315 जिलों की पहचान की है जहाँ बारिश कम होने से खेती पर असर पड़ सकता है। इन जिलों के लिए अलग से योजना बनाई गई है।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे ऐसी फसलें चुनें जो जल्दी तैयार हो जाएं और जिनमें पानी कम लगे। इस बार दलहन (दालें), तिलहन (तेल वाली फसलें) और मोटे अनाज (जैसे बाजरा, ज्वार) पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है क्योंकि ये कम पानी में भी अच्छी पैदावार देते हैं।
सरकार ने कहा है कि खाद (यूरिया, डीएपी आदि) और बीज का पूरा स्टॉक रखा गया है, इसकी कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
किसान इस बार बुवाई में जल्दबाजी न करें:
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक अच्छी बारिश (लगभग 75 से 100 मिलीमीटर) न हो जाए और मिट्टी में पूरी नमी न आ जाए, तब तक बुवाई न करें। हल्की बारिश में बुवाई करने से बीज खराब होने का डर रहता है।
पानी बचाएं: अपने खेतों के पास के तालाबों, मेड़बंदी और चेक डैम को ठीक कर लें ताकि बारिश की एक-एक बूंद बचाई जा सके।
बीमा और पैसा: अपनी फसलों का बीमा (PMFBY) जरूर करवाएं और केसीसी (KCC) कार्ड बनवा लें ताकि जरूरत पड़ने पर पैसे की दिक्कत न हो। पीएम-किसान का पैसा भी आप बीज-खाद खरीदने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
जानवरों के चारे का इंतजाम: अगर सूखा पड़ता है, तो जानवरों के लिए चारे की कमी न हो, इसके लिए भी सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है।
सलाह लेते रहें: अपने इलाके के कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) के वैज्ञानिकों के संपर्क में रहें और रेडियो, टीवी या मोबाइल पर आने वाले संदेशों को ध्यान से सुनें।
कुल मिलाकर बात यह है कि सरकार आपके साथ खड़ी है। बस आप थोड़ी सावधानी बरतें और वैज्ञानिक सलाह मानकर खेती करें।

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