जीतू पटवारी ने वीडियो वायरल करके खुद को एक्सपोज कर दिया, सरकार से 16 लाख रु महीने लेते हैं

Updesh Awasthee
भोपाल, 21 जून 2026:
कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी ने एक सामान्य सी बात को मुद्दा बना दिया। वीडियो वायरल करने के बाद उनके वेयरहाउस का मामला न केवल एक्सपोज हो गया बल्कि सबको पता चल गया कि वह सरकारी सहायता से वेयरहाउस बनाकर मध्य प्रदेश सरकार से 16 लाख रुपए महीने किराए ले रहे हैं। 

कांग्रेस नेता जीतू पटवारी के वेयरहाउस का विवाद क्या है

बात ऐसी है कि, मध्य प्रदेश सरकार ने हाल ही में निगम मंडलों के अध्यक्षों की नियुक्ति की है। मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन का अध्यक्ष श्री संजय नगाइच को बनाया गया है। श्री संजय नगाइच ने पदभार ग्रहण करते ही काम करना शुरू कर दिया। इसी प्रक्रिया में उन्होंने उज्जैन और इंदौर में स्थित सभी वेयरहाउस का निरीक्षण किया। इसी क्रम में श्री जीतू पटवारी के स्वामित्व वाले वेयरहाउस का भी निरीक्षण हो गया। वहां पर गंदगी और फायर सेफ्टी के नियमों का उल्लंघन पाया गया। नियम के अनुसार श्री संजय नगाइच द्वारा नोटिस जारी कर दिया गया। यह एक सामान्य सीकानूनी प्रक्रिया थी। श्री संजय नगाइच द्वारा इसकी जानकारी प्रेस को भी नहीं दी गई थी लेकिन वेयरहाउस के मालिक एवं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी का इगो हर्ट हो गया। 

जीतू पटवारी ने स्वयं मामला वायरल कर दिया

उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया। जिसमें वह किसी से बात कर रहे हैं। अनुराग जी कहकर संबोधित किया है। मध्य प्रदेश शासन में श्री अनुराग जैन मुख्य सचिव हैं और श्री अनुराग वर्मा Managing Director (MD), मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन हैं। श्री पटवारी ने बातचीत के दौरान श्री संजय नगाइच को "याचन नाचन" कहकर संबोधित किया। हालांकि इस मुद्दे का जनता से कोई संबंध नहीं है। इस मामले में श्री जीतू पटवारी वेयर हाउस के मालिक हैं, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी नहीं है, लेकिन फिर भी उन्होंने वीडियो वायरल कर दिया। इसी के साथ मामला पब्लिक डोमेन में आ गया। वीडियो सामने आते ही मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के अध्यक्ष श्री संजय नगाइच ने भी वीडियो वायरल करके सीधा जवाब दिया। 

वेयरहाउस कॉरपोरेशन के अध्यक्ष ने दिया करारा जवाब

श्री संजय नगाइच ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि, श्री जीतू पटवारी ने सरकार से सहायता लेकर वेयरहाउस बनाया है और मध्य प्रदेश सरकार उनके वेयरहाउस को 16 लाख रुपए महीने किराया देती है। जो एग्रीमेंट हुआ है उसका पालन करना पड़ेगा। यदि पालन नहीं किया तो उनको ब्लैक लिस्ट करके वेयरहाउस खाली कर दिया जाएगा। श्री संजय नगाइच ने दोहराया कि एक वेयरहाउस के मालिक को, नियमों का पालन करना ही होगा। चाहे फिर वह कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष ही क्यों ना हो। 

Jitu Patwari's Viral Video Sparks Warehouse Row

यह पूरा वीडियो भोपाल समाचार के यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध है। यहां क्लिक करके देख सकते हैं। वीडियो में श्री जीतू पटवारी एवं श्री संजय नगाइच दोनों के बयान एक साथ प्रसारित किए गए हैं। 

जीतू पटवारी ने अपने पैर पर कुल्हाड़ी मार ली

इस मामले के निष्कर्ष स्वरूप सिर्फ इतना ही कहा जा सकता है कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष, श्री जीतू पटवारी ने अपने ही पर पर कुल्हाड़ी मार ली है। जनता के बीच जाकर जब वह यह कहते थे कि मैं एक किसान का बेटा हूं, तो लोगों को लगता था कि एक मिडिल क्लास परिवार का व्यक्ति है। हालांकि लाखों लोग जानते हैं कि श्री जीतू पटवारी का निवास, एक फाइव स्टार लग्जरी बंगला है लेकिन, मध्य प्रदेश में 6 करोड़ से ज्यादा मतदाता है, और सब कुछ श्री जीतू पटवारी की लग्जरी लाइफ के बारे में नहीं पता। आज श्री जीतू पटवारी ने स्वयं वीडियो वायरल करके मध्य प्रदेश के करोड़ों लोगों को बता दिया कि वह एक वेयरहाउस के मालिक हैं। उन्होंने सरकारी सहायता से वेयरहाउस बनाया है और सरकार से हर महीने 16 लाख रुपए किराया लेते हैं।

मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग कारपोरेशन के अध्यक्ष संजय नगाइच कौन है 

वैसे विपक्षी पार्टी के अध्यक्ष के पास सत्ता पक्ष की पार्टी के प्रत्येक नेता की कुंडली होनी चाहिए परंतु श्री जीतू पटवारी ने कहा कि वह नहीं जानते संजय नगाइच कौन है, तो हमने सोचा कि चलो सबको बता देते हैं। संजय नगाइच (नगायच/नागायच) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले (पवई क्षेत्र) के एक प्रमुख भाजपा नेता हैं, जिन्हें हाल ही में (अप्रैल 2026) मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन का अध्यक्ष (कैबिनेट मंत्री दर्जा) नियुक्त किया गया है। वे पूर्व में पन्ना जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष, भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री और राज्य भाजपा सहकारिता सेल से जुड़े रहे हैं। 

सहकारी क्षेत्र से उभरे इन नेता ने संघर्षपूर्ण सफर तय किया है, पर कई बार पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में भाजपा से निष्कासित भी हो चुके हैं। पन्ना सहकारी बैंक अध्यक्ष रहते हुए उन पर ₹13 करोड़ गबन का आरोप लगा था, जिसके तहत FIR भी दर्ज हुईं, हालांकि कई मामले अभी लंबित हैं। RSS विचारधारा से प्रेरित इनके कार्यों में राष्ट्रवाद और अंत्योदय पर जोर दिखता है। वर्तमान में वे प्रदेश स्तर पर सक्रिय हैं और वेयरहाउसिंग क्षेत्र में सुधार लाने का प्रयास कर रहे हैं।

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