MP SCHOOL SHIKSHA - महिला शिक्षकों का संतान पालन अवकाश ई-अटेंडेंस में समायोजित करने का प्रावधान

Updesh Awasthee
भोपाल समाचार, 21 जून 2026:
मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत महिला शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर आई है। लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त ने एक नया आदेश जारी किया है, जिसके तहत महिला लोक सेवकों द्वारा लिए गए संतान पालन अवकाश (Child Care Leave) को ई-अटेंडेंस (e-attendance) में उपस्थित माना जाएगा। लेकिन यह अपने आप नहीं होगा। इसके लिए भी जी हुजूरी या नेतागिरी करनी होगी। रिश्वत भी देनी पड़ सकती है क्योंकि सिस्टम ही ऐसा बना दिया है। 

MP DPI E-Attendance Policy for Female Teachers on Child Care Leave

आयुक्त लोक शिक्षण, मध्यप्रदेश, श्री अभिषेक सिंह द्वारा जारी इस आदेश (क्रमांक/टी.एम.सी./2026/भोपाल) में स्पष्ट किया गया है कि महिला लोक सेवकों को अब डिजिटल उपस्थिति प्रणाली में अपनी छुट्टी की अवधि को लेकर परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। Child Care Leave attendance policy in MP schools को सरल बनाते हुए विभाग ने निर्देश दिया है कि स्वीकृत अवकाश की स्थिति में ई-अटेंडेंस पोर्टल पर संबंधित महिला शिक्षक को उपस्थित ही माना जाए, ताकि उनके सर्विस रिकॉर्ड और वेतन संबंधी प्रक्रियाओं में कोई बाधा न आए। 

How to Apply for CCL Attendance Recognition in MP Schools via Email

इस काम के लिए आयुक्त महोदय ने एक विशेष निवारण तंत्र भी स्थापित किया है। ऐसी महिला लोक सेवक (महिला शिक्षक) जिनका संतान पालन अवकाश स्वीकृत हो चुका है, उनको अपनी उपस्थिति दर्ज कराने हेतु राज्य स्तरीय अभ्यावेदन निराकरण समिति (State Level Grievance Redressal Committee) के समक्ष आवेदन करना होगा। मतलब अपने संकुल या जिले में नहीं बल्कि लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल में आवेदन करना होगा। आयुक्त महोदय ने कृपा करते हुए बताया है कि इसके लिए उन्हें भोपाल ऑफिस आने की जरूरत नहीं है; वे tgrsed.dpi26@gmail.com पर ईमेल के माध्यम से अपना अभ्यावेदन (Representation) भेज सकती हैं। लोक शिक्षण संचालनालय की यह समिति प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर उपरोक्त आदेश के आलोक में उनका निराकरण सुनिश्चित करेगी। 

समस्या वाली बात यह है कि इसमें कोई टाइम लिमिट नहीं है। समिति पूरी तरह से स्वतंत्र है। वह कह सकते हैं कि ईमेल नहीं मिला। ईमेल मिला तो परीक्षण नहीं हुआ, परीक्षण हुआ तो निराकरण नहीं हुआ। वैसे भी आयुक्त महोदय ने जो ईमेल एड्रेस दिया है उसकी सेवा प्रदाता gmail.com है। मध्य प्रदेश ई-ऑफिस पॉलिसी के तहत इस प्रकार की शासकीय सेवाओं में gmail.com अथवा किसी भी प्राइवेट सेवा प्रदाता का उपयोग करना अवैध है।

Role of DEO and District Collectors in MP Teacher CCL Applications

इस आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य के सभी कलेक्टर्स, संभागीय संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। आयुक्त ने निर्देशित किया है कि जिलों में प्राप्त महिला लोक सेवकों के ऐसे आवेदनों को बिना किसी देरी के तत्काल राज्य स्तरीय समिति को भेजा जाना सुनिश्चित किया जाए। 

Impact of MP DPI New Order on Female Teacher Presence and Leave

e-attendance for CCL period मामले में महिला कर्मचारियों की सबसे बड़ी समस्या यह है कि वह आज की तारीख में ट्रांसफर के लिए अप्लाई नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि संतान पालन अवकाश को अनुपस्थित मानकर, उनकी उपस्थिति को 90% से काम बताया जा रहा है। आयुक्त महोदय ने जो सिस्टम बनाया है, उसमें अपनी संतान पालन अवकाश को उपस्थिति में समायोजित करवाने के लिए बड़े पापड़ बेलने पड़ेंगे। लोक शिक्षण संचालक है और स्कूल शिक्षा विभाग, जिस प्रकार से अपने शिक्षक कर्मचारियों से रिश्वत वसूलने के मामले में बदनाम है। यह आरोप लगाने की गुंजाइश बनती है कि, आयुक्त महोदय ने DPI ऑफिस में रिश्वत वसूली की एक और विंडो ओपन कर दी है। यदि ऐसा नहीं है तो, सिस्टम ऐसा होना चाहिए की संतान पालन अवकाश स्वीकृत होते ही, सिस्टम की जिम्मेदारी होकर वह e-attendance रजिस्टर में दर्द हो जाए। नहीं तो ऑनलाइन होने का क्या मतलब?

MP Education Department Updates e-Attendance Rules for Women Teachers on Child Care Leave

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