भोपाल, 23 जून 2026: मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में एक बार फिर पैनिक सिचुएशन बन गई है। खास तौर पर डीजल और रसोई गैस को लेकर, क्योंकि पेट्रोल पंप वाले किसानों को डीजल नहीं दे रहे हैं और गैस एजेंसी वाले रसोई गैस सिलेंडर नहीं दे रहे हैं। डीजल और गैस सिलेंडर प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत, पॉलिटिकल या प्रशासनिक सिफारिश का उपयोग करना पड़ रहा है अन्यथा रिश्वत देनी पड़ रही है। इस बीच इंडियन ऑयल ने मध्य प्रदेश के सभी जिलों में अपना स्टॉक रजिस्टर ओपन कर दिया है। बताया है कि किस जिले में कितना माल मौजूद है:-
मध्य प्रदेश के जिलों में पेट्रोल की आपूर्ति
एमएस (पेट्रोल) की आपूर्ति में 01 से 21 जून 2026 की अवधि के दौरान 28 जिलों में दो अंकों की वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में उल्लेखनीय है। सर्वाधिक वृद्धि दर्ज करने वाले जिलों में उमरिया (50.8%), अनूपपुर (37.9%), सीधी (27.1%), रायसेन (26.8%), मुरैना (23.5%), रीवा (22.0%), बैतूल (20.8%) एवं आगर मालवा (20.8%) शामिल हैं, जिन्होंने 20 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज की। इसके अतिरिक्त बड़वानी (19.7%), सिंगरौली (19.6%), नरसिंहपुर (19.5%), छिंदवाड़ा (17.2%), सीहोर (17.0%), अशोकनगर (16.5%), खरगोन (15.3%), इंदौर (15.1%), बुरहानपुर (15.0%), डिंडोरी (14.5%), पन्ना (13.3%), दमोह (13.1%), मंदसौर (12.4%), भोपाल (11.5%), कटनी (11.5%), सिवनी (11.4%), रतलाम (11.3%), सागर (11.1%), विदिशा (10.8%) एवं नीमच (10.8%) ने भी उल्लेखनीय दो अंकों की वृद्धि दर्ज की। कुल मिलाकर 41 जिलों में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई।
मध्य प्रदेश के जिलों में डीजल की आपूर्ति
एचएसडी (डीज़ल) की आपूर्ति में 01 से 21 जून 2026 की अवधि के दौरान 23 जिलों में दो अंकों की वृद्धि दर्ज की गई। उमरिया (86.6%), भोपाल (46.7%), शिवपुरी (37.2%), भिंड (31.4%), रायसेन (29.7%) एवं बुरहानपुर (25.1%) ने असाधारण वृद्धि दर्ज की। 20 प्रतिशत से अधिक वृद्धि वाले अन्य जिलों में दतिया (23.5%), ग्वालियर (22.1%), छतरपुर (22.1%), टीकमगढ़ (21.6%), बड़वानी (21.4%) एवं इंदौर (21.2%) शामिल हैं। वहीं 10 से 20 प्रतिशत के बीच वृद्धि दर्ज करने वाले जिलों में सिंगरौली (19.4%), धार (15.6%), सीधी (15.0%), सतना (14.9%), नीमच (14.5%), विदिशा (14.0%), रीवा (12.8%), अशोकनगर (11.5%), पन्ना (10.4%) एवं गुना (10.1%) शामिल हैं। कुल मिलाकर 32 जिलों में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई।
रसोई गैस सिलेंडर की पूरे मध्य प्रदेश में कोई कमी नहीं है: इंडियन ऑयल
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है तथा राज्यभर में इसकी उपलब्धता सामान्य बनी हुई है। सभी उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
Indian Oil Report Reveals District-Wise Consumption of Petrol, Diesel and LPG in Madhya Pradesh
इंडियन ऑयल कंपनी की ओर से दावा किया गया है कि, ईंधन की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु लॉजिस्टिक्स, स्टॉक मूवमेंट एवं रिटेल संचालन के सभी पहलुओं पर सतत समन्वय बनाए हुए है। आम जनता से अनुरोध है कि वे निश्चिंत रहें तथा सामान्य उपभोग जारी रखें। हम पुनः नागरिकों को आश्वस्त करते हैं कि चिंता का कोई कारण नहीं है तथा उपभोक्ताओं से अनुरोध करते हैं कि वे अनावश्यक खरीदारी या घबराहट में ईंधन संग्रह न करें। ईंधन उपलब्धता संबंधी सही एवं प्रमाणिक जानकारी के लिए केवल इंडियनऑयल द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।

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