माननीय आयुक्त महोदय, लोक शिक्षण संचालनालय (DPI), भोपाल (म.प्र.)। महोदय, सविनय नम्र निवेदन है कि हम सभी मध्य प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे अतिथि शिक्षक हैं। इस आवेदन के माध्यम से हम आपका ध्यान विभाग और सरकार के समक्ष अपनी अत्यंत महत्वपूर्ण एवं न्यायसंगत मांगों की ओर आकर्षित करना चाहते हैं:
लंबा कार्य अनुभव: हम सभी अतिथि शिक्षक पिछले 3 वर्षों या उससे भी अधिक समय से लगातार पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ प्रदेश के शासकीय स्कूलों में शिक्षण कार्य कर रहे हैं और विभाग के परीक्षा परिणामों को बेहतर बनाने में हमारा निरंतर योगदान रहा है।
पूर्ण योग्यता व अर्हता: हम न केवल शैक्षणिक रूप से पूर्ण योग्य हैं, बल्कि हमने मध्य प्रदेश शासन द्वारा आयोजित 'शिक्षक पात्रता परीक्षा' (TET) और उसके बाद आयोजित 'शिक्षक चयन परीक्षा' दोनों को ससम्मान उत्तीर्ण (Qualify) किया है।
मेरिट से आंशिक दूरी: दोनों कठिन परीक्षाएं पास करने के बाद भी, पदों की संख्या सीमित होने के कारण हम कुछ अंकों से मुख्य मेरिट सूची (Merit List) में स्थान पाने से वंचित रह गए थे। परंतु हमारी योग्यता और अनुभव पर कोई प्रश्नचिह्न नहीं है।
अतः विभागीय नीतियों और भविष्य की व्यवस्थाओं को देखते हुए हमारा सरकार से विशेष आग्रह है कि:
भर्ती में प्रथम प्राथमिकता: आगामी समय में होने वाली किसी भी अतिथि शिक्षक भर्ती या शालाओं में व्यवस्था के तहत, 3 वर्ष से अधिक अनुभवी और दोनों परीक्षाएं (पात्रता व चयन) पास कर चुके अतिथि शिक्षकों को 'सबसे पहले' (प्रथम प्राथमिकता) मौका दिया जाए।
नियमितीकरण की दिशा में ठोस कदम: चूंकि हम पूर्ण रूप से योग्य, अनुभवी और विभागीय परीक्षाओं द्वारा प्रमाणित शिक्षक हैं, इसलिए विभाग और सरकार को हमें नीति बनाकर नियमित (Regulate/Regularize) करने की दिशा में तत्काल ठोस कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए।
योग्य और अनुभवी शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करना और उनके अनुभव का लाभ प्रदेश के नौनिहालों को दिलाना न्यायसंगत होगा।
आशा है कि विभाग और मध्य प्रदेश सरकार हमारे इस न्यायसंगत अनुरोध पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए जल्द ही सकारात्मक निर्णय लेगी।
धन्यवाद। भवदीय, हरिओम वर्मा अतिथि शिक्षक एवं समस्त योग्यताधारी एवं अनुभवी अतिथि शिक्षक, मध्य प्रदेश।
अस्वीकरण: खुला-खत एक ओपन प्लेटफार्म है। यहां मध्य प्रदेश के सभी जागरूक नागरिक सरकारी नीतियों की समीक्षा करते हैं। सुझाव देते हैं एवं समस्याओं की जानकारी देते हैं। पत्र लेखक के विचार उसके निजी होते हैं। यदि आपके पास भी है कुछ ऐसा जो मध्य प्रदेश के हित में हो, तो कृपया लिख भेजिए हमारा ई-पता है:- editorbhopalsamachar@gmail.com

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