भोपाल, 16 जून 2026: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के भोपाल जोनल कार्यालय ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चिकित्सा शिक्षा विभाग मंत्रालय (Medical Education Department) में पदस्थ अपर श्रेणी लिपिक (UDC) हीरो केसवानी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले (Money Laundering Case) में लगभग 1.47 करोड़ रुपए की संपत्ति को अस्थायी रूप से अटैच (Provisional Attachment) कर लिया है। ईडी की यह कार्रवाई सरकारी तंत्र में फैले भ्रष्टाचार को उजागर करती है, जहां एक क्लर्क स्तर के कर्मचारी ने करोड़ों की बेनामी संपत्ति अर्जित की थी।
Hero Keswani Disproportionate Assets Investigation under Prevention of Corruption Act
इस मामले की शुरुआत आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW), भोपाल द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act, 1988) के तहत दर्ज की गई एक एफआईआर से हुई थी। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि 1 जनवरी 2005 से 3 अगस्त 2022 के बीच की अवधि में हीरो केसवानी ने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों की तुलना में लगभग 1.47 करोड़ रुपए की अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) अर्जित की। यह संपत्ति उनकी वैध आय से करीब 286.27 प्रतिशत अधिक पाई गई है। ईओडब्ल्यू की तलाशी के दौरान केसवानी के आवास से 86.73 लाख रुपये की भारी नकदी (Cash Recovery) भी बरामद हुई थी, जिसका वह कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके।
Money Laundering Through Family Members: Hero Keswani Wife’s Role in Financial Irregularities
ईडी की गहन जांच (Investigation) में यह खुलासा हुआ कि अपराध से अर्जित इस अवैध धन को मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए ठिकाने लगाया गया था। आरोपित ने अपनी पत्नी के नाम पर निवेश (Investment in wife's name) किया था, जबकि जांच में पाया गया कि उनकी पत्नी के पास आय का कोई स्वतंत्र और विश्वसनीय स्रोत (No independent source of income) नहीं था। घरेलू गतिविधियों से आय होने के उनके दावों के समर्थन में भी कोई दस्तावेजी प्रमाण नहीं मिले। बैंक खातों के विश्लेषण (Bank Account Analysis) से यह भी पता चला कि उनमें कई अनियमित नकद जमा (Irregular Cash Deposits) और ऐसे वित्तीय लेन-देन हुए थे, जो उनकी घोषित आय से बिल्कुल मेल नहीं खाते थे।
Assets Concealment and Fraud: Hidden Ownership of Immovable Properties in Bhopal
जांच एजेंसी ने पाया कि आरोपित हीरो केसवानी ने विभाग को अपनी संपत्तियों और वास्तविक आय की सही जानकारी नहीं दी थी। उन्होंने जानबूझकर अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर संपत्तियां खरीदकर वास्तविक स्वामित्व (Actual Ownership) छिपाने का प्रयास किया ताकि भ्रष्टाचार से कमाई गई दौलत पर किसी की नजर न पड़े। आरोपित द्वारा किया गया यह कृत्य पूरी तरह से धोखाधड़ी और सरकारी नियमों का उल्लंघन है।
Details of Attached Properties: ED Action to Prevent Transfer of Illegal Wealth
ईडी द्वारा अटैच की गई संपत्तियों में अचल संपत्तियां (Immovable Properties), विभिन्न बैंक खातों में जमा राशि और बरामद की गई नकदी शामिल हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि संपत्तियों के छिपाए जाने या उनके हस्तांतरण (Transfer) को रोकने के उद्देश्य से यह सख्त कदम उठाया गया है। इस कार्रवाई से भ्रष्टाचार में लिप्त अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच कड़ा संदेश गया है कि अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्ति पर कानून का शिकंजा कभी भी कस सकता है।

