भोपाल, 07 मई 2026: एमपी नगर में ज्योति टॉकीज चौराहे पर भोपाल की प्रसिद्ध घमंडी लस्सी वाले की लस्सी में मिलावट का शक है। इसके अलावा भोपाल की 9 बड़ी और फेमस फ्रूट जूस की दुकानों की सामग्री में मिलावट इत्यादि की शिकायत मिली। शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने सभी दुकानों से सैंपल कलेक्ट किए हैं। मामला कितना गंभीर है आप इस बात से समझ सकते हैं कि, मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद कार्रवाई हुई है।
इन दुकानों के प्रोडक्ट की शुद्धता पर शक
- New Famous and Restaurant (Ashoka Garden)
- Bombay Juice Corner (Barkhedi)
- Ghamandi Lassi (MP Nagar)
- Adarsh Juice Center (Indrapuri)
- Bombay Juice Center (Budhwara)
- Agra Samosa Corner (Rangmahal Chouraha)
- Famous Juice Corner (Ibrahim Pura / Ibrahimpura)
- Shri Krishna Lassi Corner (Peer Gate / Peergate)
- Gujarat Colddrink and Juice Center (Ghoda Nakkas / Ghora Nakkas)
Food Safety Action in Bhopal: 9 Juice Shops Under Scanner, MP Nagar ‘Ghamandi Lassi’ Sample Tested
मध्य प्रदेश शासन के भोपाल संभाग, के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि, जांच टीम ने भोपाल के अलग-अलग इलाकों में दबिश देकर निम्मनलिखित प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए: न्यू फेमस एंड रेस्टोरेंट अशोका गार्डन से मैंगो जूस, लस्सी, मैदा, गुलाब जामुन एवं मठरी के नमूने संग्रहित किये एवं बॉम्बे जूस कॉर्नर, बरखेड़ी, घमंडी लस्सी, एमपी नगर, आदर्श जूस सेंटर इंद्रपुरी, बॉम्बे जूस सेंटर बुधवारा, आगरा समोसा कॉर्नर, रंगमहल चौराहा, फेमस जूस कॉर्नर, इब्राहिमपुरा, श्री कृष्णा लस्सी कॉर्नर, पीरगेट, गुजरात कोल्डड्रिंक एंड जूस सेंटर, घोड़ा नक्कास, नकली एसेंस और रसायनों का संदेह प्रशासन को शिकायत मिली थी कि कई विकेताओं द्वारा मैंगो शेंक और अन्य जूस में हानिकारक टार्द्राजीन कलर (कृत्रिम रंग), सिंथेटिक एसेंस, थिकनर और भारी मात्रा में सैकरीन का उपयोग किया जा रहा है। यह स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक हो सकते है।
"खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत यह कार्यवाही की गई है। सभी संदिग्ध नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।"
कलेक्टर कार्यालय की ओर से बताया कि समाचार पत्र में प्रकाशित सूचना और मानव अधिकार आयोग के संज्ञान के बाद यह विशेष अभियान चलाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब्त नमूनों को तत्काल राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत मिलावट पाए जाने पर दुकानदारों के लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे जनाता से अपील की गई है कि अत्यधिक सस्ते और चमकीले रंग वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से बचे, क्योकि ये किडनी और लिवर के लिए घातक हो सकते है।
सभी नमूने राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल प्रेषित किये गये हैं। जांच परिणामों के आधार पर खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के अन्तर्गत विधि अनुसार कार्यवाही की जायेगी।

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