भोपाल, 05 मई 2026: जबलपुर के बरगी डैम में हुआ क्रूज हादसा, कोई एक्सीडेंट नहीं था बल्कि अधिकारियों की लापरवाही, मनमानी और अवैध गतिविधियों का परिणाम था। इसमें 13 लोगों की मौत हुई है। जांच में पता चला है कि, इतने गहरे पानी में चलाया जा रहा क्रूज, पूरी तरह से खटारा था। ना तो उसके पास कोई परमिशन थी और ना ही कोई इंश्योरेंस। उसके दो में से एक इंजन भी खराब था, और लाइफ जैकेट का तो आपको पता ही है। दरअसल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस मामले की जांच के लिए स्पेशल टीम लगाई थी।
यह है वह अपराध जो अधिकारियों ने किया, जो मौत का जिम्मेदार बना
अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) की अध्यक्षता में 4 सदस्यीय कमेटी में एडी होमगार्ड एवं सिविल डिफेंस, जबलपुर संभागायुक्त और पर्यटन विभाग के सचिव को सदस्य बनाया गया है। यह कमेटी 15 दिन में रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश में क्रूज संचालन के लिए स्पष्ट एसओपी नहीं है। यही वह अपराध है जो 13 लोगों की मौत का जिम्मेदार बन गया। जब मध्य प्रदेश में क्रूज संचालन के लिए कोई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर ही नहीं है तो फिर क्रूज संचालन की अनुमति किसने दे दी। एक बात स्पष्ट हो गई है कि पर्यटन विभाग द्वारा मध्य प्रदेश में अवैध रूप से क्रूज संचालन किया जा रहा है।
क्रूज का एक इंजन भी काम नहीं कर रहा था
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि क्रूज का एक इंजन ठीक से काम नहीं कर रहा था या उसकी गति धीमी थी। तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही असली कारण स्पष्ट हो पाएंगे। इसके पहले यह भी स्पष्ट हो चुका है कि, क्रूज संचालन के लिए पर्यावरण की मंजूरी नहीं ली गई थी और कोई इंश्योरेंस भी नहीं था। मध्य प्रदेश में आप इंश्योरेंस के बिना एक स्कूटर नहीं चला सकते लेकिन पर्यटन विभाग बांध के पानी के ऊपर क्रूज का संचालन कर रहा था।

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