भोपाल, 04 मई 2026: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में जनगणना के पहले चरण में ही बड़ा कांड हो गया। महीने के पहले दिन से जनगणना का काम शुरू होना था लेकिन 4 दिन बाद भी शुरू नहीं हो पाया। जिन कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया गया है, उनका कहना है कि उन्हें मोबाइल ऐप चलाना ही नहीं आता, उनके पास स्मार्टफोन भी नहीं है। सवाल तो बनता है कि, 15 दिन तक ट्रेनिंग में क्या होता रहा। यहां पूरा सिस्टम फेल कर गया है।
भोपाल जनगणना गड़बड़ी से पैदा हुए दो बड़े सवाल
प्रशासन की ओर से 15 दिन तक जनगणना की ट्रेनिंग दी गई थी। इसमें बताया गया था कि स्मार्टफोन में मोबाइल एप्लीकेशन कैसे डाउनलोड करना है और मोबाइल एप्लीकेशन को कैसे ऑपरेट करना है। अब कर्मचारियों का कहना है कि, उनके पास तो स्मार्टफोन ही नहीं है। वह तो पुराने वाले बेसिक कीपैड वाले फोन का उपयोग करते हैं। कुछ कर्मचारियों का कहना है कि उनके पास पुराना स्मार्टफोन है जिसमें मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड नहीं हो रही है। यह दृश्य देखने के बाद दो बड़े सवाल पैदा होते हैं।
पहला: 15 दिन तक जो ट्रेनिंग चली थी उसमें क्या हुआ था। क्या यह चेक नहीं किया गया था कि कर्मचारियों के पास स्मार्टफोन है या नहीं, और ट्रेनिंग के दौरान ही मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड क्यों नहीं करवा दी गई थी।
दूसरा: जिन कर्मचारियों ने कहा है कि उनके पास स्मार्टफोन नहीं है। जांच की जानी चाहिए, वह व्हाट्सएप पर है या नहीं, उनके फेसबुक आईडी है या नहीं। सवाल यह है कि जो कर्मचारी स्मार्टफोन चलाने में सक्षम नहीं है। जो कर्मचारी नियुक्ति के बाद आज तक अपडेट नहीं हुआ है, क्या ऐसे कर्मचारियों को सातवां वेतनमान दिया जाना चाहिए।
60000 फॉर्म भरने थे सिर्फ 2,412 फॉर्म भरे हुए
सोमवार को भोपाल में 60000 फॉर्म भरे जाने थे लेकिन सिर्फ 2,412 फॉर्म भरे हुए। इसका मतलब है कि या तो सिस्टम फेल कर गया है या फिर सभी कर्मचारियों ने मिलकर जनगणना ड्यूटी के खिलाफ हड़ताल कर दी है। वह ड्यूटी पर तो उपस्थित है लेकिन काम नहीं कर रहे हैं। एक बड़े अखबार में प्रशासनिक अधिकारियों ने समाचार प्रकाशित करवाया है कि कर्मचारी बहाने बना रहे हैं। जबकि सोशल मीडिया पर कर्मचारियों ने दबी जुबान में इशारा किया है कि सिस्टम फेल कर गया है।
कलेक्टर ने 1 तारीख से छुट्टी पर प्रतिबंध लगा रखा है
श्री प्रियंक मिश्रा, कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी, भोपाल द्वारा 27 अप्रैल को रात 10:00 बजे आदेश जारी करके अधिकारियों/कर्मचारियों के द्वारा दिनांक 01 मई, 2026 से 30 मई 2026 तक लिये जाने वाले समस्त प्रकार के अवकाश पर प्रतिबंध लगा दिया था। कहा था कि इन्हीं 30 दिनों में भारत की जनगणना 2027 अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना संबंधी महत्वपूर्ण एवं राष्ट्रीय कार्य किया जाना है। इसके बाद कलेक्टर कार्यालय से कोई सूचना नहीं मिली। मतलब कलेक्टर नहीं जनगणना को लेकर कोई काम नहीं किया। जनगणना के संबंध में वह 27 अप्रैल से अनुपस्थित हैं, जबकि 04 मई खत्म हो चुकी है और आज पांचवा दिन है।

