भोपाल, 7 मई 2026: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की कोहेफिजा पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। इसमें बहुत सारी बातें डाउटफुल है और किसी नेशनल एजेंसी द्वारा जांच करने पर ही खुलासा हो सकता है। गिरफ्तार किए गए युवक ने खुद को एमबीबीएस डॉक्टर बताया है। मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला है लेकिन 2025 से भोपाल में रह रहा है। भोपाल में उसने शादी भी कर ली है। उसके पास से नकली नोट मिले हैं लेकिन विदेशी फोन भी मिला है। पाकिस्तान और बांग्लादेश से कनेक्शन समझ में आ रहा है लेकिन इस मामले की पूरी इन्वेस्टिगेशन के लिए भोपाल पुलिस के पास एक्सपर्ट और एक्सपीरियंस ऑफिसर ही नहीं है। NIA जैसी किसी नेशनल एजेंसी को जांच करनी चाहिए।
Bhopal Crime News: Doctor Caught With Fake Currency and Foreign Phones
कोहेफिजा थाना प्रभारी केजी शुक्ला ने बताया कि बुधवार दोपहर सूचना मिली थी कि सैफिया कॉलेज ग्राउंड के पास एक युवक की संदिग्ध गतिविधियों के बारे में सूचना मिली थी। पुलिस ने जब उसकी हिरासत में लिया था उसके पास से नकली नोट मिले। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम सैफुल इस्लाम पिता अनवर-उल इस्लाम (27) बताया। उसने पुलिस को बताया कि वह नकली नोटों का धंधा करता है। यह नोट पश्चिम बंगाल में छापे जाते हैं। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह वर्ष 2024 से इस धंधे में सक्रिय है। पहले भी दो बार भोपाल आकर नकली नोट खपा चुका है। मई 2025 से वह भोपाल की गुलमोहर कॉलोनी में किराए से रह रहा था। इसी दौरान उसने शादी भी कर ली। उसने बताया कि वह दो लाख रुपए की नकली करेंसी 60 हजार रुपए में खरीदकर लाया था। 10 दिनों में वह करीब 60 हजार रुपए के नकली नोट बाजार में चला चुका है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी भोपाल में असली के ₹300 लेकर ₹500 का नकली नोट देता था।
पुलिस को उसके पास से एक आईफोन, एक पेन ड्राइव और विदेशी सीरीज (+44) का मोबाइल नंबर भी मिला है। शुरुआती जांच में पुलिस को संदेह है कि आरोपी किसी विशेष विचारधारा से प्रभावित हो सकता है। इसी वजह से उसे कोर्ट में पेश कर 7 दिन की रिमांड पर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक जब्त नोट नेपाल और पाकिस्तान में इस्तेमाल होने वाले कागज जैसे पेपर पर छपे हैं। ऐसे में जांच अब अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय एंगल से भी की जा रही है। आरोपी की पहचान सैफुल इस्लाम (27) निवासी पश्चिम बंगाल के रूप में हुई है। उसने खुद को एमबीबीएस डॉक्टर बताया है। पुलिस को आरोपी के मोबाइल से विदेशी नंबरों पर बातचीत के संकेत मिले हैं।
सोफिया कॉलेज में क्या चल रहा है
इस मामले ने राजधानी स्थित सोफिया कॉलेज को प्रकाश में ला दिया है। यह जानना जरूरी है कि पकड़ा गया बदमाश 2025 से भोपाल में क्या कर रहा था। हो सकता है नकली नोट वाला बयान देकर वह स्वयं को बड़ी कानूनी कार्रवाई से बढ़ाने की कोशिश कर रहा हो। यह जांच करना भी जरूरी है कि सोफिया कॉलेज में क्या चल रहा है। पकड़ा गया बदमाश एक इंडिविजुअल है अथवा किसी नेटवर्क का हिस्सा है। क्योंकि पकड़े गए बदमाश के बयान और जब कोई सामग्री के गुण नहीं मिल रहे हैं।

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