भोपाल, 6 मई 2026: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के कार्यालय से पूछताछ किए जाने के बाद लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल द्वारा 4,000 माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षकों के लिए नियुक्ति आदेश जारी कर दिए हैं। दरअसल, मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा 1 महीने पहले इस बात का आश्वासन दिया गया था। आज जब प्रदर्शन हुआ तो मुख्यमंत्री कार्यालय ने पूछताछ शुरू की, और उसके तत्काल बाद DPI BHOPAL की ओर से आदेश जारी हो गए।
Bhopal Teacher Recruitment Update: Appointment Orders Released After High-Level Intervention
उल्लेखनीय है कि 1 अप्रैल 2026 को अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री (CM House) से भेंट की थी। उस समय मुख्यमंत्री के निर्देश पर OSD ने DPI आयुक्त से फोन पर चर्चा की और अभ्यर्थियों को एक माह के भीतर नियुक्ति देने का भरोसा दिलाया था। आज 6 मई 2026 तक उस आश्वासन पर कोई अमल नहीं हुआ है। इस बात से परेशान होकर चयनित अभ्यर्थियों ने आज लोक शिक्षण संचालनालय के सामने जबरदस्त प्रदर्शन किया। वह अनिश्चितकाल तक यही प्रदर्शन करने के लिए आए थे परंतु पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को वापस भेज दिया। प्रदेश भर से आए प्रदर्शनकारी अभी अपने घर भी नहीं पहुंचे हैं और मुख्यमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप के कारण आदेश जारी हो गया।
चॉइस फिलिंग के लिए दिशा निर्देश जारी
चयनित अभ्यर्थियों को 12 मई से 18 मई 2026 के बीच ऑनलाइन माध्यम से स्कूलों का चयन (चॉइस फिलिंग) करना होगा। लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देश के मुताबिक, माध्यमिक शिक्षक (विभिन्न विषय) और प्राथमिक शिक्षक (खेल, संगीत, गायन-वादन, नृत्य) पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्कूलों का चयन करना होगा। अभ्यर्थियों को अपने आवंटित संभाग या जिले के अंतर्गत आने वाले सभी स्कूलों को प्राथमिकता क्रम में भरना अनिवार्य होगा। विभाग ने साफ किया है कि पोर्टल शुल्क जमा करने के बाद ही चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी।
समय पर चॉइस नहीं भरी तो मिलेगा कम पसंदीदा स्कूल
विभाग ने चेतावनी दी है कि अगर कोई अभ्यर्थी तय समय सीमा के भीतर स्कूल विकल्प नहीं भरता है, तो उसे बाद में बची हुई रिक्तियों के आधार पर ही स्कूल आवंटित किया जाएगा। ऐसी स्थिति में मनचाहा स्कूल मिलने की संभावना कम हो जाएगी। साथ ही, चॉइस फिलिंग से जुड़े किसी भी प्रकार के दावे बाद में स्वीकार नहीं किए जाएंगे, इसलिए समय पर प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है।
दस्तावेज सत्यापन के बाद ही अंतिम नियुक्ति
जिन अभ्यर्थियों के नाम सशर्त रूप से चयन सूची में शामिल हैं, उनके दस्तावेजों का सत्यापन संबंधित अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही उनकी पात्रता या अपात्रता तय होगी। इसी आधार पर आगे की नियुक्ति प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।

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