भोपाल, 06 मई 2026: मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती 2024 के चयनित अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। अपनी मांगों को लेकर भोपाल में प्रदर्शन कर रहे हजारों अभ्यर्थियों को आज निराशा हाथ लगी, जब पुलिस ने शाम को सभी प्रदर्शनकारियों को वहां से जबरन हटा दिया। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) की ओर से इस बार कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने के कारण अभ्यर्थी मायूस होकर वापस लौट रहे हैं।
Appointment Process: नियमों की अनदेखी और लंबा इंतजार
माध्यमिक शिक्षक (वर्ग-2) और प्राथमिक शिक्षक भर्ती के 10,700 चयनित अभ्यर्थियों की व्यथा साल 2022 से शुरू हुई थी। भर्ती की समय-रेखा (Timeline) कुछ इस प्रकार रही है:
2022: भर्ती की अधिसूचना (Notification) जारी हुई।
2023: पात्रता परीक्षा (Eligibility Exam) संपन्न हुई।
अप्रैल 2025: चयन परीक्षा का आयोजन हुआ।
25 सितंबर 2025: अंतिम परिणाम घोषित किया गया।
नियम पुस्तिका (Rulebook) के अनुसार, परिणाम घोषित होने के तीन माह के भीतर नियुक्ति आदेश जारी होने चाहिए थे, लेकिन परिणाम आए हुए 9 माह बीत चुके हैं और अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
Broken Promises: आश्वासन तो मिला, पर आदेश नहीं
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लगातार DPI के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। हाल ही में उन्हें विभाग द्वारा यह भी बताया गया कि इस प्रक्रिया में 6 महीने से 1 साल तक का समय और लग सकता है, जिससे अभ्यर्थियों में भारी निराशा है। विशेष रूप से, 1 अप्रैल 2026 को अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री (CM House) से भेंट की थी। उस समय मुख्यमंत्री के निर्देश पर OSD ने DPI आयुक्त से फोन पर चर्चा की और अभ्यर्थियों को एक माह के भीतर नियुक्ति देने का भरोसा दिलाया था। आज 6 मई 2026 तक उस आश्वासन पर कोई अमल नहीं हुआ है।
Legal Status: कोई कानूनी अड़चन नहीं
अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया है कि इस भर्ती प्रक्रिया पर माननीय उच्च न्यायालय द्वारा कोई भी स्थगन आदेश (Stay Order) पारित नहीं किया गया है। अतः नियुक्ति प्रक्रिया को लंबित रखने का कोई भी विधिक (Legal) आधार नहीं है।
Demands of Candidates
जबलपुर की अभ्यर्थी कु. प्रीति मालवीय और अन्य चयनित शिक्षकों ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है कि:
माध्यमिक शिक्षक (वर्ग-2) भर्ती प्रक्रिया को तत्काल पूर्ण कर नियुक्ति आदेश जारी किए जाएं।
संबंधित विभाग को इस संबंध में समयबद्ध (Time-bound) निर्देश दिए जाएं।
Financial and Mental Stress: पिछले 3 वर्षों से चल रही इस प्रक्रिया ने अभ्यर्थियों को मानसिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से तोड़ दिया है। कई अभ्यर्थी आर्थिक तंगी के कारण दयनीय स्थिति में जीवन यापन कर रहे हैं।
कुल मिलाकर, आज के घटनाक्रम के बाद, चयनित शिक्षकों में सरकार के प्रति गहरा रोष है। बिना किसी आश्वासन के प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के बाद अब यह देखना होगा कि शासन इन "भविष्य के निर्माताओं" की पुकार कब सुनता है।

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