शिवपुरी, 21 अप्रैल 2026: शिवपुरी शहर के मुख्य चौराहा माधव चौक चौराहे से हिंदुत्व का प्रतीक भगवा ध्वज हटा दिया गया। यह कार्रवाई भीम आर्मी की शिकायत पर की गई। इसके बाद शहर भर में पब्लिक के बीच आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि भगवा ध्वज को फिर से पूरी प्रतिष्ठा के तहत स्थापित नहीं किया गया तो बड़ा आंदोलन होगा।
Shivpuri Tension: Saffron Flag Removed After Bhim Army Complaint, Public Protests Against Administration
14 अप्रैल को डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती के दिन भीम आर्मी ने माधव चौक चौराहे क्षेत्र को पोस्टर और बैनरों से लाद दिया था। माधव चौक चौराहे पर नीला झंडा भी लगाया गया था लेकिन उसके बाद हटाया नहीं गया। परशुराम जयंती पर ब्राह्मण और सवर्ण समाज माधव चौक चौराहे पर परशुराम जयंती के बैनर पोस्टर लगाने थे। सर्व ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष भरत शर्मा ने सीएमओ सहित प्रशासन से अपील की थी कि डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती का प्रोग्राम संपन्न हो चुका है, प्रशासन अब यह जगह खाली करें, जिससे हमारे आराध्य देव का प्राकट्य दिवस हम मना सकें और यहां पर बैनर पोस्टर लगा सकें, यह गुहार प्रत्यक्ष रूप से भीम आर्मी के लोगों से भी की थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई थी।
परशुराम जयंती पर भी हुआ था तनाव
रविवार को परशुराम जयंती पर बाइक रैली निकाली गई थी। सवर्ण समाज ने माधव चौक पर रैली को रोक दिया गया था। प्रशासन ने इस स्थिति से निबटने के लिए माधव चौक चौराहे पर लगे नीले झंडे को हटवा दिया था। उसके बाद यहां पर भगवा ध्वज फहरा दिया गया था। इस नीले झंडे को हटाने के बाद भीम आर्मी ने सोशल पर विरोध करना शुरू कर दिया था। भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष चांद खान ने सोशल पर पोस्ट भी वायरल की थी कि 24 घंटे में भगवा नहीं हटा तो भीम आर्मी आंदोलन करेगी।
इस प्रतिक्रिया पर आज शिवपुरी के प्रशासन ने मंगलवार की दोपहर इस भगवा ध्वज को हटा दिया,जब नगर पालिका के कर्मचारी नपा की गाडी से इस ध्वज को उतार रही थी तभी वहां मौजूद भीम आर्मी के नेता नारेबाजी कर रहे थे।
ध्वज के हटते ही विरोध शुरू, तनाव बढ रहा है
भगवा ध्वज के हटते ही सनातन प्रेमी और सवर्ण समाज के लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया देना शुरू करी दी। सबसे तीखी प्रतिक्रिया करणी सेना के नेता और सवर्ण समाज शिवपुरी के अतुल प्रताप सिंह ने दी है। अतुल प्रताप सिंह ने कहा कि इस भगवा ध्वज के नीचे ही भगवान राम ने अधर्म युद्ध पर धर्म की विजय प्राप्त की थी। इस केसरी ध्वज के नीचे श्रीकृष्ण ने महाभारत के युद्ध में अपनी भूमिका दी थी। इसी ध्वज की शान के लिए छत्रपति शिवाजी के लिए मुगलों से युद्ध लडे और इस देश में हिंदू राष्ट्र की नींव रखी। इस भगवा ध्वज के लिए झांसी की रानी और अवंतिका बाई लडी थी। इस ध्वज को आरएसएस प्रणाम करता है, भाजपा के इस शासन में हमारे धर्म के प्रतीक धर्म ध्वज को उतारा गया है यह अपमान हम सहन नहीं करेंगे।
अब शिवपुरी से महासंग्राम होगा, प्रशासन इस ध्वज को पुन: उसी स्थान पर नहीं लगता तो हम आंदोलन करेगें।

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