शिवपुरी, 18 अप्रैल 2026: ग्वालियर लोकायुक्त की टीम ने शिवपुरी की नगर पालिका में छापा मार कार्रवाई करते हुए ₹40000 रिश्वत ले रहे एक क्लर्क को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। बताया गया है कि, इसकी लगातार शिकायत होगी चलते 2 दिन पहले ही सीएमओ ने इस क्लर्क को स्थापना से हटकर स्वास्थ्य विभाग में ट्रांसफर किया था। मजे की बात देखिए, जिसकी शिकायत पर कार्रवाई हुई है वह खुद भी भ्रष्टाचार के आरोप में सस्पेंड चल रहा है।
Shivpuri Municipal Clerk Caught Taking Bribe, Arrest Follows Complaint Against Corruption
शिकायतकर्ता हरिवल्लभ चंदौरिया ने बताया कि वह नगर पालिका शिवपुरी में एआरआई के पद पर पदस्थ थे। 14 नवंबर 2025 को सीएमओ इशांक धाकड़ ने उसे निलंबित कर दिया था। निलंबन के बाद तीन महीने तक बहाली के नाम पर नगर पालिका के अलग-अलग बाबुओं द्वारा उनसे रिश्वत मांगी जाती रही। इस संबंध में उन्होंने संचालनालय में भी शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई और उल्टा उनके खिलाफ आरोप पत्र जारी कर दिए गए।
चंदौरिया के अनुसार, 16 अप्रैल को स्थापना बाबू भगवान लाल करोलिया ने सीएमओ के नाम पर 60 हजार रुपए की मांग की थी। उसी दिन 20 हजार रुपए देकर बात तय की गई और इसकी शिकायत लोकायुक्त में दर्ज करा दी गई। शनिवार को जब उन्होंने करोलिया को उनके घर के आंगन में बाकी 40 हजार रुपए दिए, तभी लोकायुक्त टीम ने मौके पर दबिश देकर आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया।
भ्रष्टाचार की शिकायत सही पाए जाने पर हरिबल्लभ को सस्पेंड किया गया था
सीएमओ इशांक धाकड़ ने बताया कि एआरआई हरिवल्लभ चंदौरिया को लापरवाही के चलते निलंबित किया गया था। उनके मुताबिक, नामांतरण की एक फाइल को चंदौरिया ने करीब एक साल तक लंबित रखा, जिसकी शिकायत मिलने पर कार्रवाई की गई। इसके अलावा टैक्स में गड़बड़ी के भी आरोप सामने आए थे, जिसके आधार पर आरोप पत्र जारी किया गया।
सीएमओ धाकड़ ने यह भी दावा किया कि उन्हें स्थापना बाबू द्वारा रिश्वत मांगने की जानकारी पहले ही मिल गई थी, जिसके चलते 16 अप्रैल को ही उन्हें उस पद से हटाकर दूसरे बाबू की नियुक्ति कर दी गई थी।

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