भोपाल, 18 अप्रैल 2026: भोपाल के नागरिकों के लिए और ऐसे सभी नागरिकों के लिए जो भोपाल में अपना घर बसाना चाहते हैं, बड़ा ही महत्वपूर्ण समाचार है। यह समाचार भोपाल के अलावा रायसेन, विदिशा, सीहोर, राजगढ़ और नर्मदा पुरम के लोगों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है। "Bhopal Metropolitan Region" का नोटिफिकेशन जारी हो गया है।
Big Update for Bhopal, Raisen, Vidisha, Sehore, Rajgarh and Narmadapuram: BMR Notification Issued
जैसा कि मुख्यमंत्री ने बताया है, भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन का दायरा 12098 यानी, करीब 13 हजार स्क्वेयर किमी होगा। वहीं, भोपाल, रायसेन, विदिशा, सीहोर, राजगढ़ और नर्मदापुरम के कुल 2510 गांव जुड़ेंगे।एक्सपर्ट का कहना है कि मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल अब अपने पुराने भौगोलिक स्वरूप को पीछे छोड़कर एक विशाल 'महानगर क्षेत्र' (Metropolitan Region) के रूप में उभरने जा रही है। नोटिफिकेशन के बाद यह सिर्फ भोपाल जिले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें आसपास के आधा दर्जन जिले शामिल होंगे। इसके बाद यहां विकास कार्य कराए जा सकेंगे।
भोपाल मेट्रोपॉलिटन में नर्मदापुरम भी शामिल
मध्य प्रदेश महानगर क्षेत्र नयोजन एवं विकास अधिनियम, 2025 के तहत गठित इस नए रीजन में भोपाल के साथ रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़ और नर्मदापुरम जिले के उन हिस्सों को जोड़ा गया है, जो भोपाल की सीमा से सटे हुए हैं और जहां भविष्य में शहरी फैलाव की प्रबल संभावना है। 2510 गांवों को एक साथ एक ही प्रशासनिक नियोजन तंत्र के नीचे लाने का यह प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा प्रयोग है।
मेट्रोपॉलिटन रीजनल प्लानिंग बोर्ड
इतने विशाल क्षेत्र के प्रबंधन के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त 'मेट्रोपॉलिटन रीजनल प्लानिंग बोर्ड' का गठन किया जाएगा। हालांकि, इतने बड़े ग्रामीण क्षेत्र को शहरी नियोजन में शामिल करने से राजस्व और भूमि अधिग्रहण की चुनौतियां भी आएंगी, लेकिन लंबी अवधि में यह भोपाल को दिल्ली-NCR की तर्ज पर एक सशक्त आर्थिक हब के रूप में स्थापित करेगा।
भोपाल अब केवल एक शहर नहीं, बल्कि आधा दर्जन जिलों के संगम से बना एक 'ग्रेटर भोपाल' है, जो विकास के नए प्रतिमान गढ़ने को तैयार है।

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