भोपाल, 18 अप्रैल 2026: यह कहानी भोपाल के कोलार इलाके की है, जहाँ एक मेहनती युवक को अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाने और अपराधियों का विरोध करने की भारी कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
Youth Murdered in Bhopal’s Kolar for Raising Voice Against Injustice
निखिल सितोले (20 वर्ष) अपने परिवार का इकलौता सहारा था और पुताई के ठेके लेकर अच्छी कमाई करता था। निखिल और इलाके के कुछ युवक (धनु, गोविंद, आशीष, जुगल और गन्नू) कभी दोस्त हुआ करते थे। लेकिन वक्त के साथ जुगल, गोविंद और धनु जैसे युवक अपराध की दुनिया में शामिल हो गए। ये लोग आदतन अपराधी थे और हाल ही में 'हत्या के प्रयास' के एक मामले में जेल से छूटकर आए थे। ये बदमाश मोहल्ले में आतंक फैलाते थे, नशे की हालत में वाहनों में तोड़फोड़ करते थे और महिलाओं से छेड़छाड़ करते थे। निखिल को उनकी ये हरकतें पसंद नहीं थीं और उसने न केवल उनसे बात करना बंद कर दिया, बल्कि मोहल्ले में उनके बढ़ते आतंक का खुलकर विरोध भी करना शुरू कर दिया।
बदमाशों के लिए निखिल का यह स्वाभिमान उनके वर्चस्व को एक बड़ी चुनौती लग रहा था। विवाद की मुख्य कड़ी शुक्रवार शाम को शुरू हुई जब इन बदमाशों ने निखिल को धमकाने का प्रयास किया। निखिल डरा नहीं और उसने साफ कह दिया कि वह उनकी हरकतों की शिकायत पुलिस में कर देगा। इस पर बदमाशों ने उसके साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट की और जाते-जाते धमकी दी कि वह या तो अपना मुँह बंद रखे या फिर मोहल्ले में दिखाई न दे।
9:30 बजे का हमला उसी रात करीब 9:30 बजे, जब निखिल अपने घर के बाहर अकेला खड़ा था, तभी पाँचों आरोपी (धनु, गोविंद, आशीष, जुगल और गन्नू) वहाँ आ धमके। उनके हाथों में चाकू और छुरियां थीं। उन्होंने बिना सोचे-समझे निखिल पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। निखिल पर चाकू से 10 से अधिक वार किए गए। हमला इतना बर्बर था कि उसके पेट, हाथ और पैरों पर गहरे जख्म हो गए और उसकी आंतें बाहर निकल आईं। वारदात के बाद आरोपी हथियार लहराते हुए वहाँ से फरार हो गए।
लहूलुहान हालत में परिजन निखिल को तुरंत अस्पताल ले गए। रास्ते में उन्होंने उसकी बाहर निकलती आंतों को शर्ट से बांधने की कोशिश की, लेकिन घाव बहुत गहरे थे। शनिवार तड़के इलाज के दौरान निखिल की मौत हो गई। पुलिस को शुरुआत में रात 11:30 बजे साधारण झगड़े की सूचना मिली थी, जिस आधार पर केवल दो आरोपियों (धनु और आशीष) के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था। हालांकि, निखिल की मौत के बाद परिजनों ने बताया कि हमलावर दो नहीं बल्कि पाँच थे। इसके बाद पुलिस ने पाँचों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया।
टीआई संजय सोनी के अनुसार, मुख्य आरोपी धनु को गिरफ्तार कर लिया गया है और बाकी की तलाश जारी है। यह पूरी घटना एक ऐसे दुखद अंत को दर्शाती है जहाँ आपसी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई ने एक परिवार का सहारा छीन लिया।

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