मध्य प्रदेश के 10 जिले जहां का एजुकेशन सिस्टम सबसे घटिया है, पूरे घर के बदलने की जरूरत है

Updesh Awasthee
MP Education Weak Districts 2026
भोपाल समाचार, 15 अप्रैल 2026
: माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्य प्रदेश, भोपाल द्वारा घोषित किए गए रिजल्ट में जहां एक और मेरिट लिस्ट जारी की है तो दूसरी ओर यह भी पता चलता है कि, मध्य प्रदेश के ऐसे कितने जिले हैं, जहां का रिजल्ट सबसे खराब रहा है, जहां का एजुकेशन सिस्टम सबसे घटिया है और यहां स्कूल शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर बदलाव करने की जरूरत है। कुछ स्कूल तो ऐसे हैं जहां के शिक्षकों का होमगार्ड में अटैचमेंट कर दिया जाना चाहिए और पुलिस के साथ नाइट ड्यूटी एवं मंदिर मस्जिद पर ड्यूटी करवानी चाहिए। 

कक्षा 10वीं High School - सबसे खराब रिजल्ट वाले 10 जिले

हाई स्कूल परीक्षा में सबसे कम पास प्रतिशत वाले जिले (नीचे से ऊपर के क्रम में) इस प्रकार हैं:
  1. दतिया (Datia): 50.19%
  2. मुरैना (Morena): 54.08%
  3. भिण्ड (Bhind): 57.28%
  4. दमोह (Damoh): 59.52%
  5. ग्वालियर (Gwalior): 60.87%
  6. मैहर (Maihar): 62.13%
  7. सतना (Satna): 63.88%
  8. भोपाल (Bhopal): 64.20%
  9. टीकमगढ़ (Tikamgarh): 66.08%
  10. रीवा (Rewa): 66.10%

कक्षा 12वीं Higher Secondary - सबसे खराब रिजल्ट वाले 10 जिले

हायर सेकेंडरी परीक्षा में सबसे कम पास प्रतिशत वाले जिले (नीचे से ऊपर के क्रम में) इस प्रकार हैं:
  1. दमोह (Damoh): 60.96%
  2. ग्वालियर (Gwalior): 61.67%
  3. रीवा (Rewa): 66.29%
  4. निवाड़ी (Niwari): 66.30%
  5. टीकमगढ़ (Tikamgarh): 68.02%
  6. भोपाल (Bhopal): 68.61%
  7. मैहर (Maihar): 68.75%
  8. इन्दौर (Indore): 69.94%
  9. देवास (Dewas): 72.30%
  10. राजगढ़ (Rajgarh): 73.15%

निष्कर्ष: दोनों परीक्षाओं के परिणामों के विश्लेषण से पता चलता है कि दमोह, ग्वालियर, भोपाल और रीवा जैसे जिले दोनों ही सूचियों में निचले स्तर पर बने हुए हैं। यहां पर न केवल जिला शिक्षा अधिकारी का ढोल बजा देना चाहिए बल्कि सभी शिक्षकों के कम से कम 300 किलोमीटर दूर दुरुस्त ग्रामीण क्षेत्र में ट्रांसफर कर देना चाहिए। विशेष रूप से दतिया जिला कक्षा 10वीं में 50.19% के साथ पूरे प्रदेश में सबसे पायदान पर रहा है। यहां शिक्षकों की पहचान करना चाहिए। VRS नहीं दे सकते तो होमगार्ड में अटैचमेंट कर देना चाहिए और पीतांबरा माई सहित पूरे ग्वालियर चंबल संभाग में जितने भी धार्मिक आयोजन होते हैं वहां पर वालंटियर ड्यूटी पर लगा देना चाहिए। क्योंकि ऐसे शिक्षक तो जनगणना भी नहीं कर सकते।
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