भोपाल, 15 अप्रैल 2026: यदि आप अपने बच्चों का कैरियर बनाना चाहते हैं, कक्षा 10-12 में किसी अच्छे स्कूल में एडमिशन कराना चाहते हैं लेकिन आपके पास बड़े प्राइवेट स्कूलों को देने के लिए पैसे नहीं है, तो चिंता की कोई जरूरत नहीं है। हम आपको मध्य प्रदेश के 10 ऐसे जिले बता रहे हैं जहां का शिक्षा का स्तर, प्राइवेट स्कूलों से कहीं ज्यादा अच्छा है। भोपाल इंदौर की तुलना में यह छोटे जिले हैं लेकिन यहां के शिक्षक किसी भी बड़े शहर के शिक्षक से ज्यादा अच्छे हैं। यह हम नहीं बोलते, आंकड़े बोल रहे हैं। आप खुद देख लीजिए:-
MP Education Ranking 2026: These 10 Districts Lead in MP Board Results Performance
परीक्षा केवल विद्यार्थियों की नहीं होती बल्कि शिक्षकों की भी होती है। मेरिट लिस्ट में कोई भी स्टूडेंट आ सकता है, यह स्टूडेंट पर डिपेंड करता है लेकिन यदि किसी कक्षा के ज्यादातर बच्चे पास हुए और अच्छे नंबरों से पास हुए तो इसका मतलब होता है कि उस कक्षा का शिक्षक अच्छा है, फिर भले ही उसकी कक्षा में कोई टॉपर ना हो मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल (MPBSE) द्वारा घोषित किए गए दसवीं के रिजल्ट में यह बात प्रमाणित होती है कि मध्य प्रदेश में सबसे अच्छी पढ़ाई भोपाल इंदौर में नहीं बल्कि इन 10 जिलों में होती है।
10वीं की मेरिट में टॉप-10 जिले
- अनूपपुर (Anuppur): 93.85%
- अलीराजपुर (Alirajpur): 92.14%
- नरसिंहपुर (Narsingpur): 91.21%
- मंडला (Mandla): 89.85%
- झाबुआ (Jhabua): 87.83%
- बालाघाट (Balaghat): 87.18%
- बड़वानी (Barwani): 85.26%
- सीहोर (Sehore): 84.90%
- डिंडोरी (Dindori): 83.80%
- नीमच (Neemuch): 83.40%
आंकड़ों के अनुसार, कक्षा 10वीं में छात्राओं का प्रदर्शन (77.52%) छात्रों (69.31%) की तुलना में काफी बेहतर रहा है। साथ ही, प्रदेश के शासकीय विद्यालयों (76.80%) ने निजी विद्यालयों (68.64%) को पीछे छोड़ दिया है।
MP Board 12th Result 2026: हायर सेकेंडरी में झाबुआ ने मारी बाजी, छोटे जिलों का शानदार प्रदर्शन
कक्षा 10वीं के बाद हायर सेकेंडरी (Class 12th) के परिणामों ने भी सबको चौंका दिया है। इस वर्ष 12वीं का कुल पास प्रतिशत 76.01% रहा है, जो पिछले 16 वर्षों के इतिहास में सबसे श्रेष्ठ परिणाम है। जहाँ 10वीं में अनूपपुर शीर्ष पर था, वहीं 12वीं में झाबुआ जिले ने 93.23% रिजल्ट के साथ पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है।
12वीं की मेरिट में टॉप-10 जिलों की सूची
- झाबुआ (Jhabua): 93.23%
- अनूपपुर (Anuppur): 93.04%
- नरसिंहपुर (Narsingpur): 92.62%
- अलीराजपुर (Alirajpur): 91.59%
- सीधी (Sidhi): 90.00%
- मंडला (Mandla): 89.41%
- नीमच (Neemuch): 87.36%
- डिंडोरी (Dindori): 86.87%
- बालाघाट (Balaghat): 86.67%
- खंडवा (Khandwa): 86.57%
Girls vs Boys Performance
12वीं की परीक्षा में भी छात्राओं ने छात्रों को पीछे छोड़ दिया है। नियमित छात्राओं का पास प्रतिशत 79.41% रहा, जबकि छात्रों का प्रतिशत 72.39% दर्ज किया गया। प्रदेश स्तरीय प्रावीण्य सूची (Merit List) में भी कुल 221 विद्यार्थियों में से 158 छात्राएं और केवल 63 छात्र शामिल हैं।
सरकारी स्कूलों का 'Education Strike'
एक और महत्वपूर्ण आंकड़ा शासकीय विद्यालयों का प्रदर्शन है। सरकारी स्कूलों का रिजल्ट 80.43% रहा है, जबकि निजी (Non-Govt) स्कूलों का रिजल्ट मात्र 69.67% ही रह पाया। यह दर्शाता है कि मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल से संबद्ध प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा के स्तर पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। विद्यार्थियों से फीस ली जाती है परंतु अच्छे शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की जाती।
Stream-wise मेरिट लिस्ट के आंकड़े:
इस वर्ष विभिन्न संकायों से प्रदेश की मेरिट लिस्ट में स्थान पाने वाले छात्रों की संख्या इस प्रकार है:
विज्ञान (गणित): 69 छात्र
वाणिज्य (Commerce): 63 छात्र
विज्ञान (जीव विज्ञान): 45 छात्र
कला समूह (Humanities): 32 छात्र
कृषि (Agriculture): 09 छात्र
ललित कला एवं गृह विज्ञान: 03 छात्र

