ग्वालियर, 2 अप्रैल 2026: सरकार के तमाम दावों के विपरीत सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन ग्रेच्युटी जीपीएफ आदि के लिए कर्मचारियों, अधिकारियों को खासा परेशान होना पड़ता है। वे सालों तक इस ऑफिस से उस ऑफिस तक भटकते रहते हैं। इस परिप्रेक्ष्य में एमपी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला सामने आया है।
MP High Court’s Big Ruling on Pension, Gratuity and GPF Payments After Retirement
कोर्ट ने सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन Pension ग्रेच्युटी जीपीएफ आदि के भुगतान की समय पर जिम्मेदारी को सरकार का दायित्व बताया। सेवानिवृत्ति के बाद के आर्थिक लाभ के भुगतान नहीं होने पर हाईकोर्ट ने खासी सख्ती भी दिखाई। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने एक केस की सुनवाई में यह सख्त रुख अपनाया। तकनीकी शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने कोर्ट ने इस संबंध में याचिका दायर की थी। इस पर हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को हर हाल में तीन माह में सभी लंबित भुगतान करने के आदेश जारी किए। कोर्ट के इस रुख के बाद ऐसे सभी पेंशनर्स को खासी राहत मिलने की आस जागी है जो अपने देयकों के लिए लंबे समय से परेशान हो रहे हैं।
याचिकाकर्ता को प्राचार्य पद से सेवानिवृत्ति के आधार पर सभी पेंशनरी लाभ दिए जाएं।
सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन और अन्य देयकों का भुगतान न होने पर ग्वालियर हाईकोर्ट ने मंगलवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि याचिकाकर्ता को प्राचार्य पद से सेवानिवृत्ति के आधार पर सभी पेंशनरी लाभ दिए जाएं। हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।

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