भोपाल, 17 अप्रैल 2026: मध्य प्रदेश शिक्षक भर्ती 2025 के कैंडिडेट्स ने आज मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रदर्शन किया। लोक शिक्षण संचालनालय और स्कूल शिक्षा मंत्री ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया इसलिए आज वह मुख्यमंत्री कार्यालय में ज्ञापन देने जा रहे थे लेकिन रास्ते में पुलिस ने रोक लिया। मारपीट की गई और चयन परीक्षा पास अभ्यर्थियों को गालियां दी, बदसलूकी की।
Bhopal Teacher Recruitment Protest: Allegations of Police Lathi-Charge and Misconduct Surface
अभ्यर्थियों का कहना है कि- वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने के लिए सीएम हाउस की ओर जा रहे थे। पुलिस ने कुछ देर तक बैठाए रखा। इसके बाद अचानक उन्हें खदेड़ना शुरू कर दिया। ग्वालियर से आए अभ्यर्थी सूरत सिंह धाकड़ ने बताया कि वे शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने गाली-गलौज करते हुए उन्हें वहां से हटाया। हमें खदेड़कर गाड़ियों में बैठाया गया और थाने छोड़ दिया गया, हमारे साथ बदतमीजी की गई।
भोपाल पुलिस ने शिवपुरी से आए नितिन की उंगलियां तोड़ दी
वहीं, शिवपुरी से आए अभ्यर्थी नितिन ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान उनकी उंगली फ्रैक्चर हो गई। उन्होंने कहा, हम सिर्फ अपनी मांग रखने जा रहे थे, कोई अपराध नहीं किया, फिर भी हमारे साथ ऐसा व्यवहार किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुलिस ने उन्हें जबरन बसों में बैठाया और अलग-अलग जगहों से उठाकर थाने पहुंचाया गया। इस कार्रवाई के दौरान कई अभ्यर्थियों के साथ धक्का-मुक्की और बल प्रयोग के आरोप भी सामने आए हैं।
खून से खत, मुंडन और आमरण अनशन सब कर लिया
अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रदेश में 1.15 लाख से अधिक शिक्षक पद खाली हैं, इसके बावजूद भर्ती में सीमित पद घोषित किए गए हैं। इससे योग्य उम्मीदवारों को अवसर नहीं मिल पा रहा है। अभ्यर्थी पिछले कई महीनों से भोपाल में लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर खून से आवेदन लिखने, भूख हड़ताल, मुंडन और मार्कशीट दहन जैसे कदम भी उठाए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
ये हैं अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें
वर्ग-2 (माध्यमिक शिक्षक) भर्ती में प्रत्येक विषय में कम से कम 3,000 पद या कुल मिलाकर न्यूनतम 10,000 पद बढ़ाए जाएं।
वर्ग-3 (प्राथमिक शिक्षक) भर्ती 2025 में पद संख्या बढ़ाकर कम से कम 25,000 की जाए।
प्राथमिक भर्ती में शामिल 3,200 विशेष शिक्षक पदों को अलग कर अलग से भर्ती निकाली जाए।
दोनों भर्तियों में जल्द दूसरी काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की जाए।

