भोपाल, 7 अप्रैल 2026: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में NSG मॉक ड्रिल के दौरान हार्ट अटैक का शिकार हुए एसटीएफ कमांडो रावेंद्र भदौरिया की मौत हो गई। श्री भदौरिया मॉक ड्रिल देखने के लिए आए थे और तबीयत खराब लगी तो एक जवान की खाली क्वार्टर में चले गए। श्री भदौरिया की कोई मेडिकल हिस्ट्री भी नहीं है। वह पूरी तरह से फिट और स्वस्थ थे। इस तरह की घटनाएं मेडिकल साइंस के लिए चुनौती है। सामान्य डॉक्टर इसे हार्ट अटैक से मौत बताते हैं लेकिन यह कैसा हार्ट अटैक है, जो पलक झपकते ही एक स्वस्थ व्यक्ति की जान ले लेता है, और इसके लक्षण इतने सामान्य हैं।
STF Commando’s Death in Bhopal Raises Questions After Hour-Long Suffering
35 वर्षीय रावेंद्र भदौरिया उर्फ सोनू, रायसेन जिले के उदयपुरा के निवासी थे। वे 2011 बैच के एसएएफ कांस्टेबल थे और 2013 से एसटीएफ में सेवाएं दे रहे थे। कमांडो ट्रेनिंग प्राप्त भदौरिया इन दिनों भोपाल के नेहरू नगर पुलिस लाइन में तैनात थे। भोपाल में चार अप्रैल से चल रही मॉक ड्रिल के तीसरे दिन 6 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 8 बजे वे अभ्यास में शामिल हुए। करीब 9 बजे अचानक तबीयत बिगड़ गई। इसके कारण छोड़कर बैरक में चले गए। करीब एक घंटे बाद साथियों ने उन्हें अचेत पाया और तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
भारत में इस प्रकार की अनएक्सप्लेन्ड मौतों का कारण क्या है
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने 2021-2023 में देशभर के 47 अस्पतालों में मल्टीसेंट्रिक केस-कंट्रोल स्टडी की। इसमें 18-45 साल के स्वस्थ दिखने वाले लोगों की अचानक (24 घंटे के अंदर) अनएक्सप्लेन्ड मौतों का विश्लेषण किया गया। इसके निष्कर्ष इस प्रकार हैं:-
कोविड-19 वैक्सीनेशन से कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं मिला कि यह अचानक मौत का कारण है।
पहले कोविड से गंभीर बीमारी, परिवार में अचानक मौत का इतिहास, और कुछ लाइफस्टाइल (जैसे binge drinking, smoking) इसके कारण पाए गए हैं।
अनएक्सप्लेन्ड मौतों के लिए अंतर्निहित हृदय संबंधी समस्याएं या अन्य कारण जिम्मेदार थे।
यह अनुसंधान इसलिए भी किया गया क्योंकि इस प्रकार की मृत्यु के पीछे कोविद वैक्सीन बताई जा रही थी। अनुसंधान के बाद स्पष्ट हुआ कि, युवाओं में सडन डेथ बढ़ रही है, लेकिन इसका मुख्य कारण प्रिमैच्योर CAD (जल्दी होने वाली धमनी रोग) है, जो lifestyle (sedentary life, stress, junk food, smoking, alcohol), obesity और अनियोजित हृदय समस्याओं से जुड़ा है। यह नया “अज्ञात प्रकार” का हार्ट अटैक नहीं है, बल्कि पुराना CAD ही युवाओं में पहले से ज्यादा हो रहा है।

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