भोपाल समाचार, 7 अप्रैल 2026: आप इसको सामूहिक अपराध का कोई भी नाम दे दीजिए लेकिन पैटर्न बिल्कुल एक जैसा है। बिहार का आसिफ रजा, मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आशीष पांडे बनकर रह रहा था। उसने प्राइवेट यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली एक लड़की को अपने जाल में फंसाया। डेढ़ साल तक रेप किया और फिर अपनी असलियत बता कर फरार हो गया।
बिहार के आसिफ रज़ा द्वारा प्यार में धोखे की कहानी
पीड़िता प्राइवेट यूनिवर्सिटी की छात्रा बताई जा रही है। उसने आरोप लगाया कि आसिफ रज़ा नामक युवक ने खुद को आशीष पांडे बताकर उससे दोस्ती की और बाद में प्रेम संबंध बनाकर करीब डेढ़ साल तक शारीरिक संबंध बनाए। इस दौरान युवक के दो अन्य दोस्त भी उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते रहे। जब वह गर्भवती हुई तो आरोपियों ने उस पर गर्भपात का दबाव बनाया। मना करने पर युवक ने अपनी असली पहचान उजागर की और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने लगा।
पीड़िता का कहना है कि उसे लगातार धमकाया गया। मामले की शिकायत पीड़िता ने लगभग एक माह पहले महिला थाने में दर्ज कराई थी। सोमवार को पीड़िता सामने आई, क्योंकि पुलिस ने अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की है। भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा है कि शिकायत के आधार पर आरोपियों की तलाश जारी है। मुख्य आरोपी आसिफ रज़ा बिहार का निवासी बताया जा रहा है। वह फिलहाल फरार है।
हिंदू लड़की को धोखा देने पर इंसेंटिव मिलता है
भोपाल में गिरफ्तार किए गए कई युवकों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि, हिंदू लड़कियों को अपने प्यार के जाल में फंसा कर, फिजिकल रिलेशन बनाने के बाद धोखा देने पर, अपने समूह में प्रशंसा और इंसेंटिव मिलता है। फिर अगले काम के लिए एडवांस भी मिलता है। आईफोन से लेकर महंगी बाइक और कपड़ों तक के लिए फंडिंग मिलती है। लड़कों को फंड करने वाले नेटवर्क का एक व्यक्ति इंदौर से फरार है। पुलिस आज तक उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई।

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