भोपाल, 17 अप्रैल 2026: भोपाल की गंदी मछलियों के जहर का असर अब भोपाल के बाहर मध्य प्रदेश के दूसरे क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगा है। कहानी एक जैसी है बस पीड़ित लड़कियां और आरोपी मुस्लिम युवकों के नाम बदल जाते हैं। असल में दोनों ही पक्ष पीड़ित हैं। मुस्लिम अपराधियों का एक सिंडिकेट, गरीब और भोले भाले मुस्लिम युवकों का उपयोग लव जिहाद के लिए कर रहे हैं।
लड़की बुर्का पहनकर मायके पहुंच गई
अशोकनगर में इस मामले का खुलासा तब हुआ जब एक लड़की बुर्का पहन कर अपने घर पहुंच गई। लड़की अशोकनगर के पिपरई की रहने वाली है। उसका ब्रेनवाश हो चुका था। उसने इस्लाम कबूल कर लिया था और अल्तामश खान नाम के एक युवक से निकाह कर लिया था। वह 5 नवंबर 2025 से गायब थी। यह सब कुछ लव जिहाद की साजिश के तहत किया जा रहा था। लड़की को इसलिए घर भेजा गया था ताकि सबको पता चले की लड़की का धर्म परिवर्तन हो गया है और फिर यह मामला मीडिया की हेडलाइंस बन जाए। निकाह हो जाने के बाद वैसे भी कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हो सकती है। ब्रेनवाश के बाद लड़की भी अपने शहर के खिलाफ कुछ नहीं बोलेगी। लेकिन सारा खेल इसलिए बिगड़ गया क्योंकि लड़की की उम्र 17 साल है।
Protection of Children from Sexual Offences Act के तहत 18 साल कम उम्र की लड़की को यदि कोई व्यक्ति उसके माता-पिता की अनुमति के बिना अपने साथ ले जाता है तो, इसको अपहरण माना जाता है। यदि कोई विवाह या निकाह कर ले तो उसे अवैध और शून्य माना जाता है। यदि फिजिकल रिलेशन बनाए गए हैं तो उसको बलात्कार माना जाता है फिर चाहे लड़की की लिखित सहमति ही क्यों ना हो।
लड़की के साथ उसकी दो सहेलियों को भी जल में फंसा लिया था
जांच में सामने आया कि अल्तामश और उसके दो अन्य साथी आहत शेख और अरहान अली ने मिलकर एक सिंडिकेट की तरह काम किया। इन तीनों ने मिलकर पीड़िता और उसकी दो अन्य नाबालिग सहेलियों को भी अपना शिकार बनाया है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि भोपाल ले जाने के बाद उन्हें लगातार बुर्का पहनने पर मजबूर किया गया। आरोपियों ने विभिन्न स्थानों पर ले जाकर उनके साथ 10 से 15 बार शारीरिक संबंध बनाए। लड़कियों को डराया-धमकाया गया और उनकी पहचान पूरी तरह बदल दी गई थी।
भोपाल के जिंसी और गल्ला मंडी इलाकों में अशोकनगर पुलिस की छापेमारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के निर्देशन में पिपरई थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की है। आरोपी अल्तामश खान, आहत शेख और अरहान अली सभी निवासी भोपाल के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एसडीओपी मुंगावली सनम बी खान और एसडीओपी अशोकनगर विवेक शर्मा के मार्गदर्शन में पुलिस की विशेष टीमें गठित की गई हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भोपाल के जिंसी और गल्ला मंडी इलाकों में लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।
कई सवालों का एक जवाब
इस सबके लिए विदेशी फंडिंग हो रही है। फंडिंग का जो मुख्य सूत्रधार है वह बड़ी चतुराई से नेपाल के रास्ते फरार हो चुका है लेकिन नेटवर्क अभी भी काम कर रहा है। यह मुस्लिम अपराधी, भोपाल के ऐसे मुस्लिम युवाओं को अपनी साजिश का शिकार बना रहे हैं जिनका माता-पिता आदि फैमिली बैकग्राउंड काफी अच्छा है। हिंदू समाज में भी मान सम्मान है।
इन युवाओं को स्टाइलिश फैशन, महंगे चश्मे, आईफोन और यहां तक की महंगी बाइक भी दी जाती है। टारगेट होता है हिंदी लड़कियों को अपने प्यार के जाल में फंसाना। सबूत के तौर पर लड़की को बुर्का पहन कर उसका फोटो वीडियो भेजना पड़ता है। फिर दूसरी किस्त मिलती है।
दूसरी किस्त मिलने के बाद लड़कियों के साथ फिजिकल रिलेशन बनाने होते हैं। दूसरी किस्त में लड़कियों को महंगे गिफ्ट देने और होटल रूम आदि बुक करने के लिए पैसे दिए जाते हैं। फिजिकल रिलेशन के भी फोटो वीडियो बनाकर भेजने पड़ते हैं। इसके बाद तीसरी किस्त मिलती है।
तीसरी किस्त तब मिलती है जब मुस्लिम युवक बोल देता है की लड़की धर्म परिवर्तन करने के लिए तैयार है। निकाह और घर बसाने के लिए तीसरी किस्त दी जाती है। धर्म परिवर्तन और निकाह की भी वीडियो ग्राफी होती है, जो सिंडिकेट को भेजी जाती है।
यदि लड़की धर्म परिवर्तन और निकाह के लिए तैयार नहीं होती है तो फिर उसके फोटो वीडियो भोपाल की एक ऐसी गैंग को दे दिए जाते हैं, जिनके पास अपने फार्म हाउस और स्विमिंग पूल हैं। यह लोग लव जिहाद गैंग के लड़कों को प्राइवेट रूम देने का काम करते हैं। यही लोग फोटो वीडियो के आधार पर लड़की को ब्लैकमेल करते हैं और उसका शोषण किया जाता है।

