दुनिया भर में सनातन हिंदू धर्म को मानने वाले लोगों के लिए अक्षय तृतीया का दिन बेहद शुभ होता है। मान्यता है कि महर्षि वेद व्यास ने अक्षय तृतीया के दिन से महाभारत लिखना शुरू किया था। इसके साथ ही द्वापर युग और त्रेता युग की गणना अक्षय तृतीया के दिन से ही मानी गई है। यह दिन विवाह के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योंकि अक्षय तृतीया को विवाह संस्कार के लिए अक्षय मुहूर्त (ऐसा मुहूर्त जिसका क्षय नहीं हो सकता) माना जाता है।
अक्षय तृतीया के दिन विवाह और स्वर्ण आदि धातुओं की खरीदारी करना शुभ माना जाता है तो दूसरी तरफ कुछ काम ऐसे भी हैं जिनको इस दिन करना चाहिए और कुछ काम ऐसे हैं जिनको नहीं करना चाहिए। क्योंकि यह तिथि अक्षय है, यदि कोई गलत काम कर लिया तो जीवन भर उसका क्षय नहीं होगा। इसका मतलब हुआ कि इस दिन किए गए पाप का प्रायश्चित नहीं होगा, और पुण्य का फल जीवन भर मिलता रहेगा। इसलिए ध्यानपूर्वक पढ़िए:-
अक्षय तृतीया के दिन किन वस्तुओं का दान किया जाता है
हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया का पावन पर्व मनाया जाता है। इस दिन सोना खरीदना तो शुभ माना ही गया है लेकिन इस दिन इस दिन दान-पुण्य करने से विशेष और अक्षय परिणाम प्राप्त होते हैं। किसी भी व्यक्ति, जिसे मदद की जरूरत है उसे देवता व पितरों के नाम से जल, कुंभ, शक्कर, सत्तू, पंखा, छाता फलादि का दान करना बहुत ही शुभ फलदायी होता है। जल से भरा हुआ घड़ा, शक्कर, गुड़, बर्फी, सफेद वस्त्र, नमक, शरबत, चावल, चांदी का दान भी किया जाता है।
इससे अक्षय पुण्य लाभ की प्राप्ति होती है और महालक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। इसी दिन दस महाविद्या में नवमी महाविद्या मातंगी देवी का प्रार्दुभाव हुआ था। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा पर अक्षत (चावल) अर्पित करना चाहिए। पितृदोष निवारण के लिए पितरों को तर्पण देना बहुत लाभदायक होता है।
अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने की परंपरा
सदियों से अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने की परंपरा है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन जो भी धातु खरीदी जाती हैं, वो भविष्य में आगे बढ़ती है। इसमें दिन दूगनी रात चौगनी उन्नति होती है, इसलिए इस दिन सोना खरीदना शुभ माना जाता है। इस दिन स्वर्ण आभूषण खरीदने से घर में सुख, समृद्धी की प्राप्ति के साथ लक्ष्मी की कृपा घरों पर बनी रहती है।
अक्षय तृतीया के दिन घर में विशेष साफ- सफाई करें
अक्षय तृतीया के पावन दिन घर में साफ- सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इस दिन घर की अच्छी तरह सफाई करें। अगर आपके घर में गंगा जल है तो पूरे घर में गंगा जल का छिड़काव कर लें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां लक्ष्मी का वास उसी घर में होता है जहां साफ- सफाई का ध्यान रखा जाता है।
अक्षय तृतीया के दिन लड़ाई- झगड़े से दूर रहें
इस पावन दिन घर में किसी भी तरह का क्लेश या लड़ाई- झगड़ा न होने दें। जिस घर में अशांति रहती है वहां मां लक्ष्मी का वास नहीं होता है। जिस घर का वातावरण अच्छा होता है, जहां परिवार के सदस्य प्यार से रहते हैं वहां कभी भी धन की कमी नहीं होती है।
अक्षय तृतीया के दिन सात्विक भोजन करें
अक्षय तृतीया के पावन दिन सात्विक भोजन करें। भोजन करने से पहले भगवान को भोग जरूर लगाएं। इस दिन तामसिक भोजन और मांस- मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन अधिक से अधिक भगवान का ध्यान करें।
अक्षय तृतीया के दिन क्या नहीं करना
व्यक्ति को गलत कार्यों से हमेशा दूर रहना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन गलत कार्य करने वाला व्यक्ति को जीवन में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
- मांस, मदिरा, अंडा, प्याज, लहसुन जैसी तामसिक चीजों का सेवन बिल्कुल न करें। केवल सात्विक भोजन (फल, दूध, सत्तू, ककड़ी आदि) ग्रहण करें।
- किसी को पैसा उधार न दें और न ही किसी से उधार लें। इससे लक्ष्मी की कृपा दूर हो सकती है।
- पूजा घर, मुख्य द्वार या घर के किसी कोने में अंधेरा न रखें। घर साफ-सुथरा रखें, क्योंकि गंदगी दरिद्रता लाती है।
- काले कपड़े, फर्नीचर या अन्य वस्तुएं न खरीदें और न पहनें। काला रंग तामसिक माना जाता है।
- चाकू, कैंची, कुल्हाड़ी जैसी धारदार चीजें, लोहे/स्टील/एल्युमीनियम के बर्तन, प्लास्टिक की वस्तुएं या कांटेदार पौधे न खरीदें और न घर लाएं।
- क्रोध, झूठ, चोरी, जुआ, अपशब्द या किसी से विवाद न करें। शांति और सकारात्मकता बनाए रखें।
- इस दिन बाल, दाढ़ी या नाखून न काटें।
- सूर्योदय के बाद देर तक सोना।
- तुलसी के पत्ते तोड़ना (कुछ मान्यताओं में)।
- बुरी आदतें (शराब, नशा आदि)।
- घर की सफाई सूर्यास्त के बाद न करें (कुछ परंपराओं में)।
ये नियम शास्त्रों और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। अक्षय तृतीया पर विष्णु-लक्ष्मी पूजा, दान, स्नान और शुभ कार्य (सोना खरीदना, नया काम शुरू करना) बहुत फलदायी होते हैं। यदि संभव हो तो पंडित या ज्योतिषी से व्यक्तिगत सलाह लें, क्योंकि परंपराएं क्षेत्र के अनुसार थोड़ी भिन्न हो सकती हैं। शुभ अक्षय तृतीया!

