भोपाल, 16 मार्च 2026 : इतिहास के पन्ने पलट कर देख लीजिए, भोपाल की हवा में जादू है। भोपाल का जज़्बा सबसे अलग है। समस्याएं यहां भी होती हैं और उनके समाधान के लिए संघर्ष भी होता है लेकिन यदि हर जाए तो डिप्रेशन में नहीं जाते। कुछ ऐसा करते हैं कि, मामला सुपरहिट हो जाता है। राहुल के रिसेप्शन की कहानी पढ़िए, मजा आएगा:-
लगभग डेढ़ हजार मेहमान में आने वाले थे, और डेढ़ सौ का भी इंतजाम नहीं हुआ
यह मामला भोपाल के ईटखेड़ी स्थित स्वयंवर मैरिज गार्डन का है। जहां रोहित माली नाम के युवक की शादी थी। रिसेप्शन में करीब 18 से 20 तरह के अलग-अलग व्यंजन तैयार करने के लिए ऑर्डर दिया था। लेकिन अंत समय में गैस सिलेंडर का इंतजाम नहीं हो पाया, तो परिवार और हलवाई के बीच हड़कंप मच गया। क्योंकि 1500 लोगों के लिए खाना जो बनना था। एक दिन पहले तक दूल्हे और दुल्हन के घरवालों ने गैस सिलेंडर के व्यवस्था करने की काफी कोशिश की। लेकिन अंत में कोई फायदा नहीं हुआ।
फिर शादी में बनाए गए दाल बाफले तो
जब गैस सिलेंडर नहीं मिला तो मजबूर होकर दोनों परिवारों को अपनी शादी का रिसेप्शन मेनू बदलना पड़ा। आखिर में गैस चूल्हे की जगह लकड़ी की भट्टी पर खाना बनवाने का फैसला कर लिया। सबसे पहले तो घरवालों ने शादी का मैन्यू बदला, उसके बाद ढेर सारी लकड़ी का इंतजाम किया। फिर रातों-रात दाल बाफले बनवाने का फैसला करते हुए 1200 से 1500 लोगों के लिए भोजन बनवाया गया। रोहित ने मीडिया से बात करते हुए कहा-हमने अपने रिसेप्शन में कई प्रकार की डिशेज बनाने का प्लान बनाया था। सारी डिशेज बहुत अच्छे तरह से बनना था। लेकिन जब गैस नहीं मिली तो हम घबरा गए। समझ नहीं आ रहा था कि अब क्या होगा, कल जब मेहमान आएंगे तो उन्हें क्या खिलाएंगे।
देसी तड़का दाल बाफले ने मेहमानों का दिल जीत लिया
आखिर में जब मैरिज गार्डन में गैस चूल्हों की जगह लकड़ी की भट्टियां जलाई गईं तो यह नजारा भी अपने आप में अलग था। लेकिन मेहमानों को दाल-बाफले बेहद पसंद आए उन्होंने इस देसी खाने की खूब तारीफ की। साथ ही कहा-गैस की किल्लत आने वाले समय में और बढ़ सकती है। इसलिए शादी विवाह करें तो इस बात का ध्यान जरूर रखें।

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