भोपाल समाचार, 4 मार्च 2026: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की करैरा विधानसभा के विधायक श्री रमेश खटीक ने 106 विधायक प्रतिनिधि नियुक्त कर दिए। मतलब हर सरकारी ऑफिस के लिए एक विधायक प्रतिनिधि नियुक्त कर दिया गया है। अब या तो करैरा विधानसभा में राम राज्य आ जाएगा, क्योंकि जनता की सेवा के लिए हर सरकारी ऑफिस में एक प्रतिनिधि होगा या फिर कुछ समय बाद लोग विधायक महोदय को वसूली भाई कहने लगेंगे। भविष्य में जो होगा सो होगा लेकिन अपन आज की तारीख में तोल कर देखते हैं, 106 विधायक प्रतिनिधि नियुक्त करने वाले विधायक खुद कितने सक्रिय हैं। उन्होंने विधानसभा में कितने मुद्दे उठाए और कितनी समस्याओं को हल करवाया:-
Roads and Infrastructure
विधायक रमेश खटीक ने करैरा विधानसभा क्षेत्र में सड़कों की स्थिति और उनके विस्तार को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने सवाल उठाया कि करैरा क्षेत्र में कुल कितने ऐसे राजस्व ग्राम हैं जो अभी तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना या अन्य सुदूर सड़क योजनाओं से नहीं जुड़ पाए हैं। उन्होंने उन ग्रामों को पक्की सड़कों से जोड़ने के लिए सरकार की कार्ययोजना और समय-सीमा के बारे में जानकारी मांगी। विधायक ने विशेष रूप से करैरा विधानसभा क्षेत्र में ग्रेवल सड़क और खेल सड़क योजना के तहत कार्यों की स्वीकृति और उनके निर्माण की प्रगति के बारे में सवाल किए।
Sports and Youth Welfare
युवाओं और खिलाड़ियों के लिए विधायक खटीक ने भूमि आरक्षण और बुनियादी ढांचे की मांग की:
खेल मैदान हेतु भूमि आरक्षण: उनके पत्रों और स्थानीय नागरिकों की मांग के आधार पर कलेक्टर शिवपुरी द्वारा खेल मैदान के लिए भूमि आरक्षित की गई है।
करैरा नगर के पास ग्राम पेणवत चिन्नोद (सर्वे नंबर 11, रकबा 2.30 हेक्टेयर)।
तहसील करैरा के ग्राम दिनारा (सर्वे नंबर 444, रकबा 2.40 हेक्टेयर)।
स्टेडियम निर्माण: उन्होंने मांग की कि इन आरक्षित भूमियों पर बाउंड्रीवॉल और स्टेडियम का निर्माण कार्य स्वीकृत किया जाए ताकि स्थानीय खिलाड़ियों को सुविधा मिल सके।
दिनारा में स्टेडियम नहीं बना पाएंगे: खेल मंत्री
खेल मंत्री ने बताया कि चिन्नोद में स्टेडियम निर्माण हेतु प्रस्ताव बजट उपलब्धता के आधार पर लिया जाएगा, जबकि दिनारा ब्लॉक मुख्यालय न होने के कारण वहां स्टेडियम की स्वीकृति संभव नहीं है।
Agriculture and Cooperatives
किसानों और सहकारी संस्थाओं की सुदृढ़ता के लिए उन्होंने निम्नलिखित मुद्दे उठाए। उन्होंने बताया कि करैरा क्षेत्र की विपणन सहकारी संस्थाओं (Marketing Cooperative Societies) की स्थिति अत्यंत खराब है और सरकार से उन्हें मजबूत करने के लिए विशेष योजनाएं लाने का आग्रह किया। उन्होंने सहकारी संस्थाओं के बायलॉज (Bylaws) में परिवर्तन कर उन्हें बहुउद्देशीय बनाने की प्रक्रिया और समय-सीमा के बारे में पूछा ताकि वे संस्थाएं आत्मनिर्भर बन सकें।
Rural Electrification
करैरा के दूरदराज के इलाकों में बिजली की समस्या पर उन्होंने सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने दावा किया कि करैरा विधानसभा के कई मजरे-टोले आज भी पूर्णतः बिजली विहीन हैं और उनके विद्युतीकरण के लिए अब तक हुई कार्यवाही का विवरण मांगा। उन्होंने सवाल किया कि सरकारी दावों के बावजूद इन क्षेत्रों में बिजली क्यों नहीं पहुंची और इसके लिए समय-सीमा तय करने की मांग की। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि पुराने राजस्व ग्राम विद्युतीकृत हैं, लेकिन नई बसाहटों के लिए कार्य प्रक्रियाधीन है। करैरा क्षेत्र में 8 कृषि फीडरों के लिए 31.12.2025 को कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं।
Leases and Housing
गरीब परिवारों को छत उपलब्ध कराने के लिए विधायक ने नगर निकायों की स्थिति स्पष्ट करने को कहा। उन्होंने नगर परिषद करैरा, नरवर और मगरोनी में वर्ष 2024-25 के दौरान स्थायी पट्टे प्राप्त करने वाले हितग्राहियों की जानकारी मांगी। उन्होंने मांग की कि जिन हितग्राहियों को पट्टे आवंटित किए जा चुके हैं या किए जाने वाले हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ कब तक प्रदान किया जाएगा।
सौर ऊर्जा और सोलर पंप
रमेश खटीक ने करैरा विधानसभा क्षेत्र में सोलर पंपों के पंजीकरण की स्थिति के बारे में सवाल किया। उन्होंने पूछा कि पिछले 3 वर्षों में कितने किसानों ने राशि जमा की है और उन्हें पंप कब तक मिलेंगे। सरकार ने बताया कि वर्तमान में प्रधानमंत्री कृषक मित्र योजना (PM-KUSUM) के तहत सोलर पंप लगाए जा रहे हैं और करैरा क्षेत्र के पात्र किसानों के लिए कायादेश जारी किए जा चुके हैं।
दुग्ध उत्पादन और डेयरी योजनाएं
उन्होंने करैरा क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए 'आचार्य विद्यासागर योजना', 'मुख्यमंत्री दुधारू पशु डेयरी योजना' और 'डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना' के तहत लाभान्वित हितग्राहियों की जानकारी मांगी।
मिल्क लाइन (Milk Line) विस्तार: विधायक ने मांग की कि करैरा के जो गांव अभी तक मिल्क लाइन से नहीं जुड़े हैं, उन्हें जोड़ा जाए ताकि विशेष रूप से अनुसूचित जनजाति के हितग्राहियों को लाभ मिल सके। हालांकि, सरकार ने जवाब दिया कि वर्तमान में ऐसा कोई नया प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
उन्होंने 'नल दमयंती विपणन सहकारी संस्था, नरवर' में पिछले 14 वर्षों से चुनाव न होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने शिकायत की कि निर्वाचन न होने और प्रशासक (OIC) द्वारा संचालन किए जाने से संस्था की वित्तीय स्थिति खराब हो रही है और स्थानीय किसानों की भागीदारी नहीं हो पा रही है।
उन्होंने करैरा में 'प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना' के तहत सोलर रूफटॉप के लिए चिह्नित घरों और ऑनलाइन आवेदनों की प्रगति की भी जानकारी मांगी।
आवास के संबंध में उन्होंने विशेष रूप से नगर परिषद करैरा, नरवर और मगरोनी के उन हितग्राहियों की सूची मांगी जिन्हें 2024-25 में स्थायी पट्टे वितरित किए गए हैं, ताकि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल सके।
निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले यह भी पढ़ लीजिए
अब आप अपना कोई डिसीजन बनाएं उससे पहले यह भी पढ़ लीजिए कि विधानसभा में मुद्दे तो उठाए परंतु करेरा के स्टेडियम के अलावा कोई भी मांग पूरी नहीं करवा पाए। आपका विधायक कैसे हैं, यह माइंडसेट बनाने से पहले यह समझ लेना जरूरी होता है कि, विधायक का निर्वाचन मुद्दों को उठाने के लिए नहीं बल्कि समस्याओं को सॉल्व करवाने के लिए होता है। मुद्दे तो पत्रकार भी उठा लेते हैं।

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