मुख्यमंत्री महोदय, सविनय निवेदन है कि मैं आपके संज्ञान में प्रदेश के अतिथि शिक्षकों की गंभीर समस्या लाना चाहता हूँ। वर्तमान में लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी आदेशानुसार अतिथि शिक्षकों की सेवाएं 30 अप्रैल तक ही सीमित कर दी गई हैं, जिससे हजारों शिक्षकों के सामने रोजगार का संकट उत्पन्न हो गया है।
अतिथि शिक्षक पिछले कई वर्षों से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को संभाल रहे हैं। वे नियमित शिक्षकों की तरह ही पूर्ण जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हैं, परंतु उन्हें न तो स्थायित्व प्राप्त है और न ही पर्याप्त सुरक्षा एवं अधिकार। हर वर्ष उनकी नियुक्ति और सेवा समाप्ति की प्रक्रिया उन्हें अस्थिरता और मानसिक तनाव की स्थिति में डाल देती है। इस व्यवस्था का सीधा प्रभाव शिक्षा की गुणवत्ता पर भी पड़ रहा है। बार-बार शिक्षकों के बदलने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती है और शिक्षा में निरंतरता नहीं बन पाती। साथ ही, कई अनुभवी शिक्षक इस अस्थायी व्यवस्था के कारण सिस्टम से बाहर हो जाते हैं, जो प्रदेश के लिए नुकसानदायक है।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि अतिथि शिक्षकों की सेवाओं को निरंतर बनाए रखा जाए। उनके लिए एक स्थायी एवं स्पष्ट नीति बनाई जाए। योग्य और अनुभवी अतिथि शिक्षकों को नियमित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं। यदि शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित होगा, तभी प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और विद्यार्थियों का भविष्य उज्ज्चल बनेगा। आपसे आशा है कि आप इस गंभीर विषय पर संवेदनशीलता के साथ विचार कर अतिथि शिक्षकों को न्याय प्रदान करेंगे।
सादर,
जीवन सिंह शेरपुर

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