भोपाल में IPS ऑफिसर ने मौत के 2 साल बाद डॉक्यूमेंट साइन किए, 9 साल तक कोई पकड़ नहीं पाया

Updesh Awasthee
भोपाल, 3 मार्च 2026
: मध्य प्रदेश का सरकारी सिस्टम इतना ढीला है कि जब तक घर का भेदी पीछे ना पड़ जाए तब तक लंका को कुछ नहीं होता। लेटेस्ट मामला एक ऐसे आईपीएस ऑफिसर का है जिनका निधन 2015 में हो गया था और 2017 के डॉक्यूमेंट में उनके सिग्नेचर पाए गए हैं। गड़बड़ी यह नहीं है कि उन्होंने मौत के 2 साल बाद डॉक्यूमेंट साइन किए बल्कि सिस्टम की गड़बड़ी है कि उनके साइन को क्रॉस वेरीफाई नहीं किया गया। 

Fake PSARA Licence Under Scanner in Bhopal, Police Book RK Pandey

खबर मिली है कि हबीबगंज पुलिस थाने में क्लासिक सिक्योरिटी सर्विस एंड कंसलटेंट के संचालक श्री आरके पांडे के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। संस्कृति संचालनालय की उप संचालक (कार्यालय प्रमुख) भारती सिंह राजपूत ने 23 फरवरी को थाने में शिकायत आवेदन दिया था। 2 मार्च को स्वयं हबीबगंज थाने पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराई। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि श्री आर के पांडे ने 2017 में जो PSARA License प्रस्तुत किया उस पर आईपीएस ऑफिसर श्री एसके पांडे के हस्ताक्षर हैं जबकि उनका निधन 2015 में ही हो गया था। श्री पांडे ने इस लाइसेंस के आधार पर सिक्योरिटी का काम लिया और इसके बदले में करोड़ों रुपए का भुगतान प्राप्त किया।

PSARA License क्या होता है 

पसारा लाइसेंस (जिसे आमतौर पर PSARA लाइसेंस कहा जाता है) भारत में प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी (निजी सुरक्षा एजेंसी) चलाने के लिए अनिवार्य सरकारी लाइसेंस है।यह Private Security Agencies (Regulation) Act, 2005 (PSARA एक्ट) के तहत जारी किया जाता है। इसका पूरा नाम Private Security Agencies Regulation Act License है, लेकिन हिंदी में लोग इसे "पसारा लाइसेंस" या "पासारा लाइसेंस" बोलते हैं (PSARA का उच्चारण इसी तरह होता है)। 

मुख्य बातें:किसके लिए जरूरी है?

कोई भी व्यक्ति, पार्टनरशिप, कंपनी या LLP जो प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड्स प्रदान करने वाली एजेंसी शुरू करना चाहता है (जैसे मॉल, फैक्ट्री, ऑफिस, इवेंट्स, ATM आदि में गार्ड्स लगाना), उसे यह लाइसेंस लेना पड़ता है। बिना लाइसेंस के एजेंसी चलाना गैरकानूनी है और जुर्माना/जेल हो सकती है।

कौन जारी करता है?
राज्य सरकार का Controlling Authority (आमतौर पर गृह विभाग या पुलिस विभाग)। आवेदन ऑनलाइन राज्य के PSARA पोर्टल पर किया जाता है।

लाइसेंस की वैधता:
आमतौर पर 5 साल के लिए जारी होता है, जिसके बाद रिन्यूअल कराना पड़ता है।
मुख्य लाभ:कानूनी रूप से एजेंसी चलाने की अनुमति।
क्लाइंट्स का भरोसा बढ़ता है (बड़ी कंपनियां केवल लाइसेंस वाली एजेंसी से ही काम लेती हैं)।
गार्ड्स को अनिवार्य ट्रेनिंग देने का अधिकार।
बिजनेस को वैध और प्रोफेशनल बनाता है।
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