ज्ञान विज्ञान न्यूज़ डेस्क, 20 मार्च 2026: यह पृथ्वी पर निवास करने वाली मानव जाति के लिए बड़ी खबर है। आप वैज्ञानिक है या अशिक्षित, आस्तिक हैं या नास्तिक, यह न्यूज़ आपकी मान्यता को किसी न किसी प्रकार से प्रभावित जरूर करती है। यह प्रश्न सबके सामने होता है कि पृथ्वी पर मानव कैसे उत्पन्न हुआ। आपकी अपनी मान्यता हो सकती है लेकिन अब आपकी मान्यता को प्रभावित करने के लिए एक वैज्ञानिक प्रमाण सामने आ गया है। 4.5 अरब साल से ब्रह्मांड में भटक रही चट्टान पर मनुष्यों के DNA के सभी पांच letters मिले हैं।
Big Breakthrough: New Evidence Emerges That Could Impact Religious and Atheist Beliefs Worldwide
4.5 अरब साल से ब्रह्मांड में भटक रही यह चट्टान (एस्टेरॉइड) सन 2019 में हमारे सौरमंडल से गुजरी। उस समय जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (JAXA) का हायाबुसा2 मिशन चल रहा था 2014 में लॉन्च किया गया था। वैज्ञानिकों ने इस क्षुद्रग्रह को Ryugu नाम दिया है। फाइनल किया गया की हाइबूसा 2 मिशन के तहत Ryugu नाम की चट्टान (एस्टेरॉइड) से कुछ सैंपल कलेक्ट किए जाएंगे। यह काम कितना मुश्किल है आप कल्पना भी नहीं कर सकते, लेकिन हायाबूसा 2 मिशन सफल हुआ। उसने Ryugu की धूल के सैंपल कलेक्ट कर लिए और 2020 में यह सैंपल लेकर पृथ्वी पर वापस आ गया। इस सैंपल का वजन केवल 5.4 ग्राम था। जरा सोचिए 5.4 ग्राम धूल के कणों में से आप क्या खोज सकते हैं।
धूल के 5 ग्राम कणों में DNA के सभी पांच तत्व मिल गए
जापान के जैव-भूविज्ञानी तोशिकी कोगा और उनकी टीम को वह मिला जो पृथ्वी पर मानव जीवन के प्रारंभ की मान्यताओं को प्रभावित करता है। उनको धूल के इस नमूने में हम मनुष्य के DNA के सभी पांच तत्व (कैनोनिकल न्यूक्लियोबेस - एडेनिन, गुआनिन, साइटोसिन, थाइमिन और यूरैसिल) मिले हैं। यही तत्व पृथ्वी पर राइबोज और फॉस्फेट के साथ मिलते हैं, तो आनुवंशिक आधार DNA और RNA का निर्माण होता है। उनकी यह रिसर्च रिपोर्ट प्रख्यात जर्नल नेचर एस्ट्रोनॉमी में प्रकाशित हुई है। दुनिया भर के महान वैज्ञानिक इसका अध्ययन कर रहे हैं और वैज्ञानिकों के सबसे पुराने प्रश्न "पृथ्वी पर जीवन की शुरुआत कैसे हुई थी" का उत्तर खोजने की कोशिश कर रहे हैं। क्योंकि यह अध्ययन, मानव जाति के सबसे पहले प्रश्न के उत्तर तक पहुंचाने का सटीक प्रमाण बन रहा है।
DNA और RNA क्या होता है
यदि कोई नहीं जानता कि डीएनए और आरएनए क्या होता है तो, DNA (डीएनए) का पूरा नाम Deoxyribo Nucleic Acid (डिऑक्सीराइबोन्यूक्लिक एसिड) और RNA (आरएनए) का पूरा नाम Ribo Nucleic Acid (राइबोन्यूक्लिक एसिड) होता है। DNA एक हार्ड ड्राइव की तरह होता है जिसके अंदर आपकी अनुवांशिक जानकारी दर्ज होती है। यानी आपके परमपिता से लेकर आपके पिता तक की सारी जानकारी होती है। RNA एक छोटी मेमोरी होती है। यह DNA में मौजूद जानकारी के किसी एक हिस्से को कॉपी पेस्ट करने का काम करती है। बिल्कुल वैसे ही जैसे अपन माउस और कीबोर्ड की मदद से कर लेते हैं। इसको और सरल शब्दों में समझना है तो ऐसे समझ लीजिए कि डीएनए में पूरी जानकारी दर्ज है की और जब आप अपने आप से प्रश्न पूछते हैं कि मैं कौन हूं, तो RNA जाता है और डीएनए में से वह फाइल निकाल कर आपको दे देता है जिसमें लिखा हुआ है कि आप कौन है।
जापान के वैज्ञानिकों को मिले इस प्रमाण से, यह तो प्रमाणित हो गया है कि पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति कोई दुर्घटना या समय के साथ अपने आप हुई कोई घटना नहीं थी। अंतरिक्ष में कहीं कोई ऐसी जगह थी जहां जीवन के लिए जरूरी DNA का कच्चा माल बनाया जा रहा था। एडेनिन, गुआनिन, साइटोसिन, थाइमिन और यूरैसिल मूल रूप से डीएनए का कच्चा माल है। यह जब पृथ्वी पर आया तो पृथ्वी के तत्वों से प्रतिक्रिया करके DNA बना।
जिस एस्टेरॉइड कि हमने चर्चा की है और कहा है कि वह 4.5 अरब साल से ब्रह्मांड में भटक रहा है। यह भी हो सकता है कि वह एक कोरियर हो और उसको डीएनए के पांच मूल तत्व डिलीवर करने के लिए भेजा गया हो लेकिन वह रास्ता भटक गया और आज तक अंतरिक्ष में घूम रहा है।
पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति कैसे हुई?
इस प्रश्न के उत्तर में, लेटेस्ट रिसर्च एक नया कदम है और कम से कम इतना निर्धारित करती है कि "जीवन" केवल पृथ्वी पर होने वाला उद्यम नहीं है बल्कि जीवन का संबंध पृथ्वी के अस्तित्व से अलग है। यह भी निर्धारित होता है कि जीवन केवल पृथ्वी तक सीमित नहीं है बल्कि वह अंतरिक्ष में और भी कहीं हो सकता है, लेकिन अब भी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि, डीएनए के लिए जरूरी पांच तत्व (एडेनिन, गुआनिन, साइटोसिन, थाइमिन और यूरैसिल) कैसे बनते हैं, और पृथ्वी जैसे ग्रहों तक कैसे पहुंचते हैं।

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