भोपाल, 19 मार्च 2026 : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नगर निगम के अधिकारियों को रिश्वत देकर सरकारी स्लॉटर हाउस में हजारों गायों की हत्या और उनके मांस की तस्करी के आरोपी असलम कुरैशी और असलम चमड़ा जमानत मिलने के बाद जेल से निकलते ही गायब हो गया। हाई प्रोफाइल ड्रामा चल रहा है कहा जा रहा है कि पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर लिया है लेकिन पुलिस का कहना है कि उनका असलम के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इस मामले में एक अपडेट है जो न्यूज़ के अंत में प्रकाशित किया गया है:-
High-Profile Drama in Bhopal: Aslam Chamda Goes Missing Soon After Jail Release
बताई जा रहा है कि कोर्ट से जमानत मिलने के बाद बुधवार की रात भोपाल सेंट्रल जेल से असलम को रिहा किया गया। सामान्य तौर पर सूर्यास्त के समय और रात के भजन से पहले जमानत प्राप्त कैदियों को जेल से रिहा कर दिया जाता है। इसके बाद यदि कोई कोर्ट का आर्डर लेकर भी आ जाए तो कैदी को रिहा नहीं किया जाता लेकिन भोपाल की सेंट्रल जेल से करीब 10:00 बजे असलम को निकलते हुए देखा गया। लाल रंग की पोलो कार में सवार होकर वह बाहर निकाल। बजरंग दल वाले विरोध प्रदर्शन कर रहे थे इसलिए असलम को पुलिस सिक्योरिटी दी गई। बताया जा रहा है कि पहले वह परवलिया सड़क और फिर सीहोर रोड गया। इसके बाद गायब हो गया।
एडिशनल डीसीपी ने कहा - हमको नहीं मालूम असलम कहां है
असलम के साइड के लोगों का कहना है कि, भोपाल में जोन-4 के एक पुलिस थाने में उसकी हिरासत में लिया गया है। कहा गया है कि यदि उसको छोड़ दिया गया तो भोपाल शहर की शांति भंग हो सकती है। यह भी बताया गया है कि असलम के खिलाफ रासुका की तैयारी चल रही है। जबकि एडिशनल डीसीपी जोन-4 मलकीत सिंह ने बताया कि उनके जोन से असलम के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उन्हें असलम की गिरफ्तारी के संबंध में कोई जानकारी भी नहीं है।
पुलिस की कमजोर चार्जशीट के कारण असलम को जमानत मिली: फरियादी
इधर गाय के मांस की तस्करी से जुड़े पूरे मामले का खुलासा करने का दावा करने वाले भानू हिंदू का आरोप है कि पुलिस की ओर से कमजोर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई थी। इन्हीं खामियों का फायदा असलम को बेल मिलने के लिए मिला। भानू के मुताबिक पुलिस ने केस की शुरुआत से ही लापरवाही की थी। गो मांस से भरे कंटेनर को छोड़ दिया गया था। हैदराबाद जिस सैंपल को जाना था, उसको खराब कर दिया। मथुरा से आई सेंपल रिपोर्ट के आधार पर उसकी गिरफ्तारी की गई थी। पुलिस की खामियों के कारण ही असलम को कोर्ट से राहत मिली। असलम पर रासुका की कार्रवाई नहीं की गई तो समस्त हिंदू संगठनों के साथ सड़कों पर उतरेंगे और अलग-अलग इलाकों में प्रदर्शन किया जाएगा।
असलम के भाई ने कहा - हम जेल गए थे लेकिन असलम से मुलाकात ही नहीं हुई
करीब 70 दिन बाद एडीजे पंकज कुमार जैन की अदालत ने 35 हजार रुपए के मुचलके पर असलम को रिहा करने के आदेश दिए। हालांकि, देर रात भोपाल सेंट्रल जेल से रिहाई के बाद से असलम गायब है। असलम के भाई आसिफ के अनुसार वे असलम को लेने जेल पहुंचे थे, लेकिन उन्हें उससे मिलने तक नहीं दिया गया। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा कि उन्हें इस मामले में कोई जानकारी नहीं है।
कांड क्या हुआ है
मामला क्रिस्टल क्लियर है लेकिन साबित नहीं किया जा सकता। असलम कुरैशी ने सिस्टम में मौजूद भ्रष्टाचार की गुंजाइश का फायदा उठाया। भोपाल नगर निगम से स्लॉटर हाउस का काम लिया। मांस की बिक्री के लिए एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाई। नियम के अनुसार जानवर को काटने से पहले एक सरकारी डॉक्टर उसका परीक्षण करता है। सरकारी डॉक्टर ने परीक्षण किया। जितने जानवर काटे गए उसमें कोई भी गाय नहीं थी लेकिन ट्रक में जो पकड़ा गया, वह गाय का मांस था। अब असलम का कहना है कि, मैं केवल वही जानवर काटे जिनको डॉक्टर ने वेरीफाई किया। मेरी कोई गलती नहीं है। रही बात ट्रक में माल की तो पकड़ा गया माल मेरा नहीं है। वह दूसरी पार्टी का है।
बजरंग दल के प्रेशर में मामला दर्ज किया गया और असलम कुरैशी को गिरफ्तार भी किया गया लेकिन असलम कुरैशी को सिस्टम का फायदा उठाना आता है।
न्यूज़ अपडेट:- असलम कुरैशी उर्फ असलम चमड़ा के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की गई है। स्थानीय विधायक एवं मंत्री श्री विश्वास सारंग नहीं इसकी पुष्टि की है।
— Adhiraj Awasthi (@AdhirajOnline) March 19, 2026

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