भोपाल समाचार, 1 फरवरी 2026: भारत के एकमात्र भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी जिन्होंने ब्राह्मणों के डीएनए पर रिसर्च किया है, श्री नियाज खान का कहना है कि ब्राह्मणों को उनकी संख्या के आधार पर आरक्षण मिलना चाहिए।
ब्राह्मण मजबूत तो देश मजबूत
'ब्राह्मण मजबूत तो देश मजबूत' नियाज खान ने एक्स पर ब्राह्मणों को सनातन धर्म का रक्षक बताते हुए लिखा-ब्राह्मण सनातन धर्म के हजारों सालों से संरक्षक रहे हैं। इसलिए इनका सर्वांगीण विकास आवश्यक है। इन्हें आबादी अनुसार आरक्षण दिया जाना चाहिए। नियाज खान का तर्क है कि ब्राह्मणों का सर्वांगीण विकास न केवल धर्म के लिए बल्कि राष्ट्र की मजबूती के लिए भी अनिवार्य है।
उन्होंने आगे लिखा कि हर सरकारी योजना में ब्राह्मणों को आरक्षण मिलना चाहिए। क्योंकि जब ब्राह्मण मजबूत होगा, तभी देश का अध्यात्म और धर्म सुरक्षित रहेगा।
भारत में ब्राह्मणों को संवैधानिक और आर्थिक मदद मिलना चाहिए
आरक्षण पर गंभीरता से विचार की अपील नियाज खान यहीं नहीं रुके, उन्होंने सरकार और नीति निर्माताओं से इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया है। उनके मुताबिक समाज के इस वर्ग को केवल प्रतीकात्मक सम्मान नहीं, बल्कि संवैधानिक और आर्थिक मदद (आरक्षण के रूप में) भी मिलनी चाहिए।
Rt IAS नियाज खान, ब्राह्मणों के डीएनए पर रिसर्च कर चुके हैं
यह पहली बार नहीं है जब नियाज खान ने सनातन धर्म या ब्राह्मण समाज के महत्व को लेकर कोई बयान दिया है। इससे पहले भी वे ब्राह्मणों की बुद्धिमत्ता और उनके योगदान की प्रशंसा कर चुके हैं। मुसलमानों को 'शाकाहारी' बनने और गो-रक्षकों से विवाद न करने की सलाह दे चुके हैं। अपनी चर्चित किताबों के जरिए कई सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर अपनी राय रख चुके हैं।

