भोपाल समाचार, 1 फरवरी 2026: भारत के जीवन और अर्थव्यवस्था को केवल पश्चिम के देश ही प्रभावित नहीं करते बल्कि उनके समुद्र से उठने वाले बादल भी प्रभावित करते हैं। हजारों किलोमीटर की यात्रा और हिमालय जैसे हर्डल को पार करने के बाद वेस्टर्न डिस्टरबेंस मध्य प्रदेश के आसमान पर छाया हुआ है। पंचांग के अनुसार शीत ऋतु समाप्त हो गई है लेकिन, पश्चिम वाले पंचांग की मानते कब हैं। कम से कम 5 फरवरी तक डटे रहेंगे और मध्य प्रदेश के 23 जिलों में कहर बरसाएंगे।
हिमालय पर करके मध्य प्रदेश तक आ रहे हैं बादल
भारत मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों का कहना है कि, मौसम की स्थिति अच्छी नहीं है। पश्चिमी जेट स्ट्रीम यानी कि पश्चिम की तरफ से आने वाली हवाएं 213 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से चल रही है। इन्हीं हवाओं के साथ पश्चिम के बादल भी आ रहे हैं। इसके कारण मध्य प्रदेश में 4 फरवरी तक स्थिति गंभीर रहेगी। 5 फरवरी को भी मध्य प्रदेश के कई जिलों में मावठ की बारिश होगी। इसके बाद मौसम खुलने की उम्मीद है क्योंकि मौसम विभाग के सैटेलाइट को समुद्र में कोई बड़ी हलचल दिखाई नहीं दे रही है।
मध्य प्रदेश मौसम का पूर्वानुमान
3 फरवरी मंगलवार को ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में हल्की बारिश होने की संभावना है। इसी प्रकार:-
4 फरवरी बुधवार को छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में बारिश होने का अनुमान है। ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, कटनी, मैहर, रीवा, मऊगंज और सीधी में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की संभावना है।


