भोपाल, 28 फरवरी 2026 : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक व्यक्ति की पत्नी मायके चली गई। उसने आत्महत्या कर ली। कोई सुसाइड नोट नहीं छोड़ा लेकिन भाई का कहना है कि उसका बॉस उसको प्रताड़ित करता था। इस न्यूज़ को कवर करने वाले पत्रकार ने इस पूरी कहानी का कनेक्शन एक डॉक्टर की मौत से जोड़ दिया। ऐसा लग रहा है जैसे इस मामले में सीबीआई जांच की जरूरत है।
पत्नी की साड़ी के फंदे पर पति की डेड बॉडी मिली
बात कुछ ऐसी है कि हनुमानगंज पुलिस थाना क्षेत्र में फूटा मकबरा इलाके में 36 साल के जितेंद्र कीर रहते थे। पिछले कुछ दिनों में उनका अपनी पत्नी से काफी विवाद होने लगा था। 4 दिन पहले उनकी पत्नी, बच्चों को लेकर मायके चली गई थी। जितेंद्र ने शुक्रवार की शाम को शराब पी और फिर सोने के लिए अपने रूम में चला गया। सुबह जब घर वालों ने देखा तो उसकी डेड बॉडी, फांसी के फंदे पर झूल रही थी। जितेंद्र की पत्नी की साड़ी को फांसी का फंदा बनाया गया था। जितेंद्र की पॉकेट अथवा उसके रूम से पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। यानी कि मामला सीधे-सीधे संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु का है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलेगा कि, जब वह फंदे पर लटका तब वह जिंदा था या उसकी मृत्यु हो चुकी थी। इसके बाद यह पता लगाया जाएगा की फांसी का फंडा उसने खुद लगाया या फिर कोई और आया था। कुल मिलाकर अभी तो मृत्यु का तरीका पता लगाना बाकी है इसके बाद मृत्यु का कारण पता लगाएंगे।
जितेंद्र ने कभी शिकायत नहीं की लेकिन भाई कहते हैं, सुपरवाइजर प्रताड़ित करता था
श्री जितेंद्र कीर, एम्स भोपाल में आउटसोर्स सफाई कर्मी का काम करते थे। यानी कि एक एजेंसी के लिए काम करते थे और एजेंसी अस्पताल के लिए काम करती थी। जितेंद्र की मौत के बाद उनके भाई श्री आशीष कीर का कहना है कि, भैया को उनके सुपरवाइजर बहुत परेशान करते थे। उनके काम में कमियां निकालते थे। साजिश करके उनको नौकरी से निकलवा दिया था। इसके कारण भैया ने अधिक मात्रा में शराब पीना शुरू कर दिया था। अधिक मात्रा में शराब पीने के कारण भैया की भाभी से लड़ाई होने लगी थी। लड़ाई होने के कारण भाभी मायके चली गई थी।
कुल मिलाकर श्री आशीष कीर का कहना है कि उनकी भैया की मौत का जिम्मेदार सुपरवाइजर है। हालांकि श्री जितेंद्र कीर ने जीवित रहते हुए कभी भी अपने सुपरवाइजर की कोई शिकायत नहीं की।
पत्रकार ने डॉक्टर रश्मि वर्मा कांड की याद दिला दी
इस मामले को सबसे पहले रिपोर्ट करने वाले पत्रकार ने एक कदम आगे बढ़कर काम किया है। उन्होंने इस न्यूज़ के साथ में डॉक्टर रश्मि वर्मा की आत्महत्या का मामला जोड़ दिया। जो लोग नहीं जानते उनको बता दें कि डॉक्टर रश्मि वर्मा ने अपने हेड ऑफ द डिपार्टमेंट की प्रताड़ना से तंग आकर सुसाइड किया था। डॉक्टर रश्मि एक मेरिट होल्डर थी। इस बात के पर्याप्त एविडेंस है कि उसको प्रताड़ित किया जा रहा था।
Man’s Death in Bhopal Allegedly Used for Personal Gain
हर व्यक्ति का जीवन मूल्यवान होता है और संदिग्ध परिस्थिति में हुई हर मृत्यु की जांच होनी चाहिए लेकिन यदि लोग हर व्यक्ति की मौत पर अपना एजेंडा सेट करने लगेंगे तो....।

.webp)