भोपाल समाचार, 15 फरवरी 2026: मध्य प्रदेश में 12 से ज्यादा कलेक्टरों को बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। विधानसभा सत्र के बीच में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की ट्रांसफर लिस्ट जारी हो सकती है। प्राइमरी लिस्ट तैयार हो चुकी है। सीएम की तरफ से जैसे ही फाइनल होगी, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी कर दी जाएगी। वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के कारण कलेक्टरों के ट्रांसफर नहीं कर पा रहे थे। 30 अप्रैल के बाद जनगणना का काम शुरू हो जाएगा। इसलिए जो कुछ भी करना है अप्रैल से पहले करना है।
भागीरथपुरा कांड में शिवम वर्मा IAS को हटाना बाकी है
9 सितंबर 2025 को इंदौर कलेक्टर बनाए जाने से पहले शिवम वर्मा इंदौर नगर निगम के आयुक्त रहे थे। भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई 35 मौतों के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तत्कालीन निगम आयुक्त दिलीप यादव को हटा दिया था। हालांकि इंदौर के जनप्रतिनिधियों और नौकरशाहों का मानना है कि इस पूरे मामले की वास्तविक जिम्मेदारी उस समय प्रशासन संभाल रहे शिवम वर्मा की भी थी। ऐसे में एसआईआर के चलते अब तक बचे रहे शिवम वर्मा को हटाने का फैसला सरकार ले सकती है।
रुचिका चौहान IAS से ग्वालियर संभल नहीं पा रहा है
भारतीय प्रशासनिक सेवा की महिला अधिकारी रुचिका चौहान को 11 मार्च 2024 को ग्वालियर का कलेक्टर बनाया गया था। ग्वालियर कलेक्टर का पद अपने आप में काफी चुनौती पूर्ण है। उम्मीद थी कि रुचिका चौहान सिंधिया और तोमर को संभालते हुए जनता के हित में काम कर पाएंगी, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। वह एक तरफ सिंधिया तो दूसरी तरफ तोमर के प्रेशर में दिखाई देती है, और इस प्रेशर में पब्लिक का काम हो ही नहीं पा रहा है।
कौशलेंद्र विक्रम सिंह IAS भोपाल कलेक्टर के लिए फिट नहीं
भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री कौशलेंद्र विक्रम सिंह, एक बेहतरीन बुद्धिमान और योग्य अधिकारी है परंतु भोपाल कलेक्टर के पद के लिए फिट नहीं। पॉलिसी पर काम करने वाले व्यक्ति को पब्लिक के बीच में बिठा दिया गया। यही कारण है कि वह ना तो जनसुनवाई में ध्यान देते थे और ना ही टाइम लिमिट की मीटिंग में। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी इला तिवारी, भोपाल कलेक्टर का चेहरा बन चुकी है। अब बस पोस्टिंग आर्डर जारी होना बाकी।
लाठीचार्ज विवाद वाले कलेक्टर पर भी नजर
इस संभावित फेरबदल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के शहडोल प्रवास के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज कराने वाले कलेक्टर डॉ. केदार सिंह को भी हटाया जा सकता है। लाठी चार्ज का मतलब होता है कि कलेक्टर की कुर्सी पर बैठा हुआ अधिकारी फेल हो गया और भीड़ को कंट्रोल करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। सिंह 13 अगस्त 2024 से शहडोल में पदस्थ हैं। हालांकि केदार सिंह का इसी वर्ष रिटायरमेंट भी है।
तीन साल का कार्यकाल पूरा कर चुके कलेक्टर
शिवपुरी कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी 30 जनवरी 2023 से पदस्थ हैं और उनका तीन साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है। इसी वर्ष नवंबर में उनका रिटायरमेंट प्रस्तावित है। 1 जनवरी से वे अपर सचिव पद पर पदोन्नत भी हो चुके हैं।
सीधी कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी 11 मार्च 2024 से पदस्थ हैं और उनका दो साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है।
रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल को अप्रैल में तीन साल पूरे हो जाएंगे। वे 6 अप्रैल 2023 से रीवा में पदस्थ हैं।
धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा पहले ही तीन साल से अधिक का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। वे 14 नवंबर 2022 से धार में पदस्थ हैं और उन्हें किसी बड़े जिले की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
मैहर कलेक्टर रानी बाटड़ 6 अक्टूबर 2023 से पदस्थ हैं।
इसके अलावा मुख्य सचिव कार्यालय में पदस्थ डिप्टी सेक्रेटरी डीके नागेंद्र के भी 20 फरवरी को तीन साल पूरे हो जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक प्रदेश के 17 जिलों में पदस्थ महिला आईएएस अधिकारियों और कलेक्टरों में से भी कुछ के तबादले किए जा सकते हैं।

