बेंगलुरु, 20 फरवरी 2026: बदलते भारत का यह चित्र बहुत सारे लोग शायद समझ नहीं पाएंगे परंतु स्थिति इतनी गंभीर हो गई है। भारत के बुजुर्ग माता-पिता अब इतने अकेले हैं कि, एक दूसरे की हत्या करने लगे हैं, ताकि किसी एक के मरने के बाद, दूसरे की जिंदगी कष्टकारी ना हो। बेंगलुरु में बिल्कुल ऐसा ही एक घटनाक्रम हुआ है।
सीनियर लिविंग कम्युनिटी व्हाइटफील्ड की घटना
श्री नागेश्वर राव, कोई सनकी बुड्ढा नहीं है। इसरो में टीम लीडर के पद से रिटायर हुए हैं। अपनी पत्नी से बेहद प्यार करते हैं। बेंगलुरु की व्हाइटफील्ड इलाके में एक सीनियर लिविंग कम्युनिटी में रहते हैं। बेंगलुरु में सीनियर लिविंग कम्युनिटी कल्चर काफी तेजी से बढ़ रहा है। कारण बहुत सारे है लेकिन नतीजा एक है, सीनियर सिटीजन अकेले पड़ रहे हैं। वह दादा-दादी तो बनते हैं उनके बच्चे उनके पास नहीं होते। सीनियर लिविंग कम्युनिटी में सब लोग एक दूसरे के साथ सुख दुख बांट लेते हैं। यहां एंबुलेंस और प्राइमरी मेडिकल फैसिलिटी भी होती है।
पुलिस ने बताया कि, श्री नागेश्वर राव ने अपनी 63 वर्षीय पत्नी की हत्या कर दी। टॉवल से उनका गला घोंट दिया। बाद में खुद पड़ोसी को फोन करके बताया और पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। श्री नागेश्वर राव ने बताया कि, वह खुद भी सुसाइड करना चाहते थे परंतु पत्नी की हत्या करने के बाद ब्लड प्रेशर बिगड़ गया और सुसाइड नहीं कर पाए। उन्होंने पुलिस को बताया कि, मेरा स्वास्थ्य बिगड़ने लगा है, मुझे लगता है कि अब मैं 3 साल से अधिक जीवित नहीं रहूंगा। मैं नहीं चाहता था कि मेरे बाद मेरी पत्नी को परेशानी भरी जिंदगी बितानी पड़े। इसलिए उसको मार कर खुद सुसाइड करना चाहता था।
खबर का सबक
इस खबर से क्या सबक मिलता है, यह निष्कर्ष आप खुद निकालिए। हम केवल यह बताना चाहते हैं कि, जो देश संयुक्त परिवार व्यवस्था के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है और इसके बारे में इतिहासकारों ने लिखा था कि, जब तक भारत में संयुक्त परिवार और सामाजिक एकता बनी रहेगी, इसके अस्तित्व को कभी खत्म नहीं किया जा सकता। आज वह पहचान खत्म हो गई है।

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