भोपाल, 16 फरवरी 2026: सामान्य तौर पर डॉक्टर गलती करता है तो आरटीआई के तहत जानकारी निकलकर उसको ब्लैकमेल किया जाता है लेकिन भोपाल में लेने के देने पड़ गए। यूट्यूब चैनल वालों ने RTI के तहत जानकारी निकलकर डॉक्टर को ब्लैकमेल करने की कोशिश की तो डॉक्टर ने उल्टा उनका ही स्टिंग ऑपरेशन कर डाला।
सृष्टि अस्पताल के संचालक डॉ. राजकुमार सूर्यवंशी को ब्लैकमेल किया जा रहा था
थाना प्रभारी मनोज पटवा ने बताया कि करोंद स्थित सृष्टि अस्पताल के संचालक डॉ. राजकुमार सूर्यवंशी ने शिकायत दर्ज कराई है। कमल नगर निवासी नीरज यादव ने नवंबर 2025 में अपने दो साथियों अक्षय शर्मा और धनराज राजपूत के साथ उनसे संपर्क किया। कहा कि उसने आरटीआई के तहत जानकारी निकाली है। इसे सार्वजनिक कर अस्पताल और उनकी छवि खराब कर सकता है। इसके बदले 10 लाख रुपए मांगे। आरोपियों ने सागर गैरे, जेल रोड की एक चाय दुकान पर भी उन्हें डराया-धमकाया। नवंबर 2025 से तीनों आरोपी अस्पताल आकर लगातार दबाव बना रहे थे। बाद में 6 लाख रुपए की डिमांड करने लगे। पुलिस के अनुसार इन तीनों में से नीरज यादव ने आईटीआई लगाई थी और अक्षय शर्मा एवं धनराज राजपूत यूट्यूबर हैं।
डॉक्टर ने तीनों का स्टिंग ऑपरेशन कर डाला
उनके पास ऐसी कौन सी जानकारी थी जिसके कारण वह ब्लैकमेल कर रहे थे, यह बात तो डॉक्टर राजकुमार सूर्यवंशी ने अपनी शिकायत में नहीं बताई लेकिन इतना जरूर हुआ कि उन्होंने ब्लैकमेल होना मंजूर नहीं किया। उल्टा तीनों का स्टिंग ऑपरेशन कर डाला। अपने स्टाफ की मदद से वॉइस रिकॉर्डिंग करवाई। इसमें वह अस्पताल को बदनाम करने और सूचना का अधिकार की तहत मिली जानकारी को सार्वजनिक करने की धमकी दे रहे थे। पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के लिए इतना काफी है। इसलिए पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
कौन सी धारा कितनी सजा
बीएनएस की धारा 308(2): रुपयों के लिए अड़ीबाजी। 7 साल जेल एवं जुर्माना।
बीएनएस की धारा 351(3): आपराधिक धमकी। इस अपराध में 7 साल जेल और जुर्माना।
बीएनएस की धारा 62(2): गंभीर अपराध करने के प्रयास। जिस प्रकार का अपराध करने का प्रयास कर रहे हैं, उस अपराध के लिए जो निर्धारित सजा है उसका आधा। उदाहरण के लिए आदिवासी के लिए 7 साल जेल की सजा का प्रावधान है तो धारा 62 दो के तहत 3 साल 6 महीने की जेल होगी।
डॉक्टर रघुवंशी ने ऐसा क्या कांड कर दिया जो उनको ब्लैकमेल किया जा रहा था
कुछ पत्रकार कहते हैं कि, पत्रकार कभी किसी को ब्लैकमेल नहीं करता। कोई व्यक्ति गलती करता है और फिर जब उससे, नैतिकता के नाते उसका पक्ष पूछा जाता है तो उसे समाचार रोकने के लिए रिश्वत ऑफर करता है। यह लेनदेन यदि ठीक प्रकार से नहीं हो पता तो गलती करने वाला व्यक्ति खुद को विक्टिम बताने के लिए, पत्रकार को ब्लैकमेलर कहने लगता है।
हमने जानने की कोशिश की की डॉक्टर राजकुमार सूर्यवंशी और सृष्टि अस्पताल ने ऐसी क्या गलती कर दी थी, जिसके कारण उनको बदनाम होने का डर था। ऐसा क्या कांड किया था जिसके कारण वह 3 महीने तक डर के साए में जीते रहे, क्योंकि मामला तो नवंबर 2025 से शुरू हुआ है और फरवरी 2026 में जाकर दर्ज हुआ। हमको पता चला है कि सृष्टि अस्पताल का नाम आयुष्मान योजना के तहत हुए घोटाले में आया था। अस्पताल के खिलाफ जांच शुरू हुई थी।
अब देखना यह है कि यूट्यूब चैनल के संचालक अपना पक्ष किस प्रकार से प्रस्तुत करते हैं और क्या वह कोई नया खुलासा करेंगे।

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