भोपाल समाचार, 23 फरवरी 2026: भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री कौशलेंद्र विक्रम सिंह की कलई उस समय खुल गई, जब सांसद श्री आलोक शर्मा ने भोपाल के तालाब को बचाने के लिए मीटिंग बुलाई। कलेक्टर को पता ही नहीं था कि तालाब को बचाने के लिए अब तक क्या कार्रवाई हुई है। इस बार फाइनल हुआ है की होली तक तालाब के आसपास अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करेंगे।
कलेक्टर को जानकारी क्यों नहीं थी
दरअसल श्री कौशलेंद्र विक्रम सिंह IAS, भोपाल कलेक्टर के पद पर तो है परंतु भोपाल कलेक्टर के पद की जिम्मेदारी नहीं निभाते। जिले में क्या चल रहा है इस बात की जानकारी प्रत्येक सोमवार को आयोजित होने वाली बैठक में प्राप्त होती है। यहां पिछले सप्ताह के कामों की समीक्षा होती है और वर्तमान सप्ताह के लिए समय सीमा का निर्धारण किया जाता है। श्री कौशलेंद्र विक्रम सिंह इस मीटिंग को अटेंड नहीं करते। नतीजा ना तो पिछले सप्ताह कोई काम होता है और नहीं अगले सप्ताह की कोई प्लानिंग होती है। केवल उतने ही काम होते हैं जिनके लिए प्रेशर आ जाता है।
कलेक्टर ने खुद ही हिट विकेट कर लिया
बड़े तालाब को अतिक्रमण और प्रदूषण मुक्त करने के उद्देश्य से सांसद आलोक शर्मा ने सोमवार को कलेक्टोरेट में उच्च स्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह, एडीएम अंकुर मेश्राम, नगर निगम अपर आयुक्त तन्मय वशिष्ठ शर्मा, सभी एसडीएम सहित जनप्रतिनिधि शामिल हुए। यहां सांसद ने बड़े तालाब का मास्टर प्लान नए सिरे से तैयार करने को कहा, तो कलेक्टर पूछ बैठे कि तालाब के आसपास कितना अतिक्रमण बचा है। इस पर सभी एसडीएम बगलें झांकने लगे।
Review Meeting on Bhopal Lake Conservation Exposes Administrative Lapses
दरअसल यह सवाल पूछ कर कलेक्टर ने खुद ही हिट विकेट कर लिया। उन्होंने कभी साप्ताहिक समीक्षा बैठक में तालाब के आसपास के अतिक्रमण को हटाने के लिए क्या कार्रवाई हुई, इसकी समीक्षा की ही नहीं। कलेक्टर को पता होना चाहिए कि तालाब के आसपास क्या बचा है और उसको कब तक हटा दिया जाएगा, लेकिन कौशलेंद्र विक्रम सिंह हमेशा अपने अधीनस्थ अधिकारियों पर डिपेंड होते हैं। इस बार भारी मीटिंग में उन्होंने खुद को एक्सपोज कर लिया।
कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह ने सभी एसडीएम से अलग-अलग चर्चा कर जानना चाहा कि अतिक्रमण हटाने के लिए क्या कार्रवाई की। उन्होंने हफ्तेभर की मोहलत चारों एसडीएम को दी है कि एक हफ्ते में सभी मेजर प्राइमा फेसी अतिक्रमण बड़े तालाब के किनारे से हटाए जाएं। उन्होंने साफ कर दिया कि अब हर हफ्ते अतिक्रमण हटाने और प्रदूषण रोकने के संबंध में समीक्षा बैठक की जाएगी।

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