17 साल की आदिवासी लड़की ने 26 साल के पति को मारा, लाश के सामने खड़े होकर शृंगार किया, फिर डीजे पर डांस

Updesh Awasthee
भोपाल समाचार, 1 फरवरी 2026
: यह भारत में बदलते हुए समाज का चित्र है। आदिवासी, महिला, पत्नी और नाबालिग लड़की, इन सबको कमजोर माना जाता है लेकिन झाबुआ में 17 साल की एक लड़की ने, अपने से 9 साल बड़े हट्टे-कट्टे पति की हत्या की, फिर उसकी डेड बॉडी के सामने खड़े होकर श्रृंगार किया, बियर पी और परिवार में हो रही है शादी में डीजे पर डांस करने चली गई। 

घटना के पहले क्या हुआ 

झाबुआ के नारेला गांव में आदिवासी किसान थावरसिंह माल के बेटे बंटी की शादी थी। बारात जाने से एक दिन पहले मामेरा की रस्म पूरी करने के बाद परिवार और समाज के लोगों ने शराब पी, फिर खाना खाया। इस दावत में महिलाओं के साथ 17 साल की नाबालिग दुल्हन भी अपनी उम्र से नौ साल बड़े पति कैलाश के साथ शामिल हुई। देर रात तक सबके साथ डीजे की धुन पर जमकर डांस किया। थोड़ी देर बाद सब अपने-अपने घर चले गए। 17 साल की नाबालिग दुल्हन भी अपने पति के साथ घर आ गई। यहां दोनों की बीच झगड़ा हुआ। इसकी आवाज दूसरे लोगों ने भी सुनी लेकिन रात में पति-पत्नी के झगड़ा आम बात है इसलिए किसी ने कोई दखल नहीं दिया। 

28 जनवरी, समय सुबह 9:30 बजे

थावरसिंह के परिवार के लोग बारात में जाने की तैयारी कर रहे थे। घर के सामने घोड़ी और डीजे आ गए थे। थोड़ी देर में डीजे बजना शुरू हो गया। परिवार के लोग नाश्ते के बाद जल्दी-जल्दी तैयार होने लगते हैं। कैलाश की नाबालिग पत्नी भी बारात जाने के लिए मेकअप कर रही थी। इतने में कैलाश को बुलाने भतीजी आ पहुंची। उसने चाची से कहा कि चाचा को दादा बुला रहे हैं। चाची उसे खामोश रहने का इशारा करते हुए कहती है कि तेरे चाचा ने मना किया है। वो सो रहे हैं। बारात में नहीं जाएंगे। उन्हें मत जगा नहीं, तो मुझसे झगड़ा करेंगे। चल, तू मेरी साड़ी पहनने में मदद कर दे। भतीजी की मदद से तैयार हुई चाची नई-नवेली दुल्हन की तरह श्रृंगार कर शादी वाले घर पहुंच जाती है। वहां पहुंचते ही कैलाश की पत्नी पहले बीयर पीती है। डीजे की धुन पर डांस कर रहे परिवार की दूसरी महिलाओं के साथ वो डांस करने लगी। 

घटना का विवरण 

कैलाश 26 साल का हटाकट्टा जवान था। उसके घर में उसकी डेड बॉडी पड़ी मिली। उसका गला घोट गया था। गला घोट के लिए इस कपड़े का इस्तेमाल किया गया था जो उसने शादी में अपनी पगड़ी के लिए पहना था। यानी शादी की पगड़ी से कैलाश का गला खोल दिया गया था। पुलिस का कहना है कि उसकी 17 साल की पत्नी ने उसकी हत्या की है। कैलाश के परिवार वालों का कहना है कि, वह अकेले नहीं कर सकती। कोई दूसरा भी होगा। 

चिंता और चिंतन की बात

हत्या लड़की ने अकेले की हो या उसके साथ किसी ने उसकी मदद की हो लेकिन यहां चिंता की बात यह है कि, 17 साल की आदिवासी लड़की, उसको पता है उसके पति की मृत्यु हो गई है, फिर भी दुल्हन की तरह सज रही है, डेड बॉडी के सामने खड़ी है और कोई घबराहट भी नहीं है। फरार नहीं हुई, परिवार में सबके साथ डांस कर रही है। यह किस प्रकार की मन:स्थित है। यदि कोई पुरुष भी ऐसा अपराध कर तो उसे जघन्य अपराध माना जाता है। यहां तो एक लड़की है, जिसकी उम्र 17 साल है और आदिवासी है। 

चिंतन इस बात पर भी करना चाहिए कि, जब आदिवासी समाज के लोग वनस्पति से बनाई जाने वाली मदिरा के स्थान पर अंग्रेजी शराब और बीयर पीने लगे हैं तो नाबालिग लड़की की शादी क्यों करते हैं। यह परंपरा भी बदल देना चाहिए। पति और पत्नी के बीच में इतना बड़ा अंतर नहीं होना चाहिए। वह भी तब जब पत्नी की उम्र 17 साल हो।
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