BUDGET 2026 से मध्य प्रदेश को क्या फायदा हुआ, रोजगार, शिक्षा, कृषि और उद्योग

Updesh Awasthee
भोपाल समाचार, 1 फरवरी 2026
: भारत सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 अप्रैल 2026 से लेकर 31 मार्च 2027 तक के लिए "भारत का बजट 2026-27" प्रस्तुत कर दिया है। इस बजट से विभिन्न वर्ग के लोगों को फायदा और नुकसान हुआ है, जो पूरे भारत के लिए समान है लेकिन यहां पर हम आपको बता रहे हैं कि, स्पेशली मध्य प्रदेश को क्या फायदा हुआ है:- 

बजट 2026 के मुख्य प्रावधान जो मध्य प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण हैं 

तेंदू पत्ते पर कर (TCS) में कटौती: बजट में तेंदू के पत्तों (tendu leaves) की बिक्री पर कर संग्रह (TCS) की दर को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। चूंकि मध्य प्रदेश देश में तेंदू पत्ते का एक प्रमुख उत्पादक है, इसलिए इस निर्णय से वहां के संग्राहकों और व्यापारियों को लाभ होने की संभावना है।

हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल: उच्च शिक्षा संस्थानों (STEM संस्थानों) में छात्राओं को आने वाली चुनौतियों को देखते हुए, देश के प्रत्येक जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल स्थापित करने का प्रस्ताव है। मध्य प्रदेश के सभी जिले इस योजना के अंतर्गत कवर होंगे।

16वां वित्त आयोग और राज्यों को अनुदान: सरकार ने 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए राज्यों को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹1.4 लाख करोड़ का 'वित्त आयोग अनुदान' (Finance Commission Grants) प्रदान करने का निर्णय लिया है। मध्य प्रदेश को भी अपनी हिस्सेदारी के अनुसार इसका लाभ मिलेगा। 

कृषि और किसानों के लिए प्रावधान: किसानों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए 'भारत-विस्तार' (Bharat-VISTAAR) नामक एक बहुभाषी AI उपकरण लॉन्च किया जाएगा, जो किसानों को अनुकूलित परामर्श प्रदान करेगा। इसके अतिरिक्त, पुराने और कम उपज वाले बागानों के कायाकल्प के लिए भी विशेष कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।

MSME और औद्योगिक विकास: बजट में ₹10,000 करोड़ के SME ग्रोथ फंड और 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टरों (legacy industrial clusters) को पुनर्जीवित करने का प्रस्ताव है। मध्य प्रदेश के लघु और मध्यम उद्योगों को इससे अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। 

पर्यटन: सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व के स्थानों के दस्तावेजीकरण के लिए एक 'नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड' स्थापित किया जाएगा। मध्य प्रदेश के कई ऐतिहासिक और आध्यात्मिक स्थलों को इस डिजिटल इकोसिस्टम से जोड़ा जा सकता है, जिससे स्थानीय रोजगार बढ़ेगा। 

संक्षेप में, हालांकि राज्य के लिए किसी बड़े व्यक्तिगत प्रोजेक्ट का उल्लेख स्रोतों में नहीं है, लेकिन तेंदू पत्ते पर कर कटौती और हर जिले में छात्राओं के लिए हॉस्टल जैसे प्रावधान राज्य के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक हैं।
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