इंदौर, 15 जनवरी 2026: मध्य प्रदेश के सबसे आधुनिक शहर इंदौर में हाई प्रोफाइल Singapore Marina टाउनशिप के कंस्ट्रक्शन पर रोक लगा दी गई है। ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। भवन निर्माता Sarthak Vinayak Real Built को नोटिस जारी किया गया है और पूरे मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। दरअसल, कंस्ट्रक्शन के दौरान आज एक बड़ी घटना हुई जिसके कारण न्यू रेस कोर्स रोड बिल्डिंग के 113 परिवारों की जान को खतरा उत्पन्न हो गया था।
ठेकेदार जगदीश दांगी और शाहिद चौहान के खिलाफ मामला दर्ज
यह मामला इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र का है। घटना के बाद आक्रोशित रहवासी थाने पहुंचे और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। लसूड़िया पुलिस ने बुधवार को पंकज दुबे निवासी न्यू रेसकोर्स बिल्डिंग महालक्ष्मी नगर की शिकायत पर ठेकेदार जगदीश दांगी और शाहिद चौहान के खिलाफ तोड़फोड़ करने और 113 परिवारों की जान खतरे में डालने के आरोप में मामला दर्ज किया है।
इंदौर में सिंगापुर मरीना टाउनशिप के कंस्ट्रक्शन में बड़ी गड़बड़ी
रहवासियों ने बताया कि उनकी टाउनशिप के पास “सिंगापुर मरीना” नाम से कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है, जिसे सार्थक विनायक रियल बिल्ट द्वारा कराया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट में खुदाई का कार्य जगदीश दांगी और कांक्रीट का काम शाहिद चौहान को सौंपा गया था। रहवासियों का आरोप है कि ठेकेदारों द्वारा भारी मशीनों से लापरवाहीपूर्वक खुदाई की गई, जिससे 113 परिवारों की जान खतरे में पड़ गई। हादसे के दौरान एक बिजली का ट्रांसफार्मर गड्ढे में जा गिरा, जिससे पूरी बिल्डिंग की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इसके अलावा सोसायटी की बाउंड्रीवॉल गिर गई और जमीन नीचे से खिसक गई। ड्रेनेज और पानी की लाइनें टूटने से क्षेत्र में और भी अव्यवस्था फैल गई।
इस मामले में भी नगर निगम ने शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया
रहवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले डेढ़ महीने से यहां दिन-रात जेसीबी मशीनों से खुदाई का काम चल रहा था। इस संबंध में नगर निगम में कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आप भूल नहीं होंगे कि भागीरथपुरा में भी पब्लिक की शिकायत पर नगर निगम द्वारा ध्यान नहीं दिया गया था। नतीजा अब तक 23 लोगों की मौत हो चुकी है। इस मामले में पब्लिक के आक्रोश के कारण पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। लसूड़िया पुलिस का कहना है कि रहवासियों की शिकायत के आधार पर ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कांड होने के बाद महापौर हीरो बनने चले आए
इतनी बड़ी घटना और पुलिस द्वारा कार्रवाई किए जाने के बाद महापौर पुष्यमित्र भार्गव घटनास्थल पर पहुंचे। शिकायतों को नजरअंदाज करने वाले महापौर ने मार्केटिंग शुरू कर दी। घटना के 10 घंटे बाद मौके पर पहुंचे महापौर द्वारा मीडिया में प्रचार करवाया जा रहा है कि, घटना की जानकारी प्राप्त होते ही महापौर ने तत्काल स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के उपरांत एहतियातन निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह निर्देशित किया गया कि पहले गिरी हुई बाउंड्रीवॉल का पुनः निर्माण एवं आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएँ।
महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव की ओर से बताया गया है कि,
- नगर निगम से आवश्यक अनुमति प्राप्त करने के पश्चात ही निर्माण कार्य पुनः प्रारंभ किया जा सकेगा।
- संबंधित भवन निर्माता को नियमानुसार नोटिस जारी किया गया है।
- न्यू रेसकोर्स भवन की संरचनात्मक सुरक्षा की जाँच हेतु एसजीएसआईटीएस, इंदौर के प्रोफेसर के दल को नियुक्त किया गया है।
- निर्माणाधीन भवन की भवन अनुज्ञा तथा निर्माण के दौरान अपनाए गए सुरक्षा उपायों में किसी प्रकार की चूक हुई है अथवा नहीं, इसकी जाँच करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
- जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होने के पश्चात नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान माननीय महापौर महोदय के साथ क्षेत्रीय पार्षद, नगर निगम इंदौर के अपर आयुक्त (भवन अनुज्ञा शाखा), भवन अधिकारी (जोन क्रमांक 22), भवन अधिकारी (जोन क्रमांक 08), भवन अधिकारी (मुख्यालय) एवं संबंधित जोनल अधिकारी भी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष: इवेंट के लिए सुबह 5:00 बजे उठ जाने वाले महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव अभी भी अपनी जिम्मेदारी के प्रति संवेदनशील नहीं हुए हैं। घटना के 10 घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों को तत्काल कोई राहत नहीं दी। उल्टा कंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ जांच की बात करके मामले को अपने कंट्रोल में ले लिया ताकि कंस्ट्रक्शन कंपनी को पुलिस के झंझट से बचाया जा सके और सब कुछ सामान्य होते ही फिर से मंजूरी दी जा सके।

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