इंदौर, 8 जनवरी 2026: भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी एवं कलेक्टर श्री शिवम वर्मा आज की सुर्खियों में है। बुधवार 7 जनवरी 2026 की देर शाम उनको इंदौर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय से बाहर निकलते हुए देखा गया। इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के कुछ पूर्व अधिकारियों और कांग्रेस पार्टी ने इस बात पर आपत्ति जताई है।
RSS प्रांत प्रचारक राजमोहन ने कलेक्टर और महापौर को तलब किया था?
सूत्रों ने यह भी बताया कि संघ के मालवा प्रांत प्रचारक राजमोहन ने कलेक्टर और महापौर से करीब डेढ़ घंटे तक वन-टू-वन चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक, मामला संभाल नहीं पाने पर महापौर को कड़ी फटकार भी लगी है। महापौर भार्गव, रामबाग स्थित नए संघ कार्यालय 'सुदर्शन' सरकारी गाड़ी से पहुंचे थे। उन्हें छोड़ने के बाद शासकीय वाहन वापस रवाना हो गया था। बैठक खत्म होने के बाद वे अपने निजी वाहन से लौटे। यहां याद दिलाना जरूरी है कि पिछले दिनों महापौर ने भागीरथपुरा के मामले के लिए कलेक्टर को डायरेक्ट टारगेट किया था। दोनों के बीच में तनाव की स्थिति बन गई थी।
कांग्रेस को कलेक्टर के जाने पर आपत्ति
कांग्रेस पार्टी के नेताओं का कहना है कि, कलेक्टर का संघ कार्यालय जाना न केवल चौंकाने वाला है बल्कि प्रशासन की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। यह प्रशासन और सत्ताधारी संगठन के खतरनाक गठजोड़ को उजागर करता है। यह साबित करता है कि भाजपा शासन में संवैधानिक पद अब स्वतंत्र नहीं, बल्कि राजनीतिक एजेंडे के उपकरण बन चुके हैं।
शिवम वर्मा को अभयदान क्यों? जिम्मेदार तो वह भी हैं: केके मिश्रा
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र पटवारी के मीडिया एडवाइजर श्री केके मिश्रा ने अपने बयान में कहा है कि, कांग्रेस DOPT में कलेक्टर श्री शिवम वर्मा की शिकायत करेगी। नगर निगम कमिश्नर के ट्रांसफर और डिप्टी कमिश्नर के सस्पेंशन के बाद कलेक्टर ने पॉलिटिक्स के सामने अवैधानिक आत्मसमर्पण कर दिया है। ऐसा करके उन्होंने कलेक्टर के पद की गरिमा गिरा दी है। श्री मिश्रा ने पूछा कि जब जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है तो फिर श्री शिवम वर्मा को आवेदन क्यों दिया गया है, क्योंकि श्री शिवम वर्मा कलेक्टर बनने से पहले इंदौर नगर निगम के कमिश्नर थे। श्री मिश्रा ने कहा कि, कलेक्टर बतायें,क्या संघ के प्रांत प्रचारक श्री राजमोहन “मप्र के मुख्यसचिव” हैं, उनसे लगभग डेढ़ घंटे चली बैठक का ब्यौरा भी सार्वजनिक किया जाये।”
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